चतरा:- चतरा जिले के किसानों के समक्ष असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. दरअसल कड़ी मेहनत करके किसानों ने अपने खेतों से धान की फसल तो तैयार कर ली, किन्तु सरकार की ढुलमुल रवैये के कारण अब धान की खरीदारी ही नहीं हो पा रही. सरकारी दावों के विपरीत पैक्स के गोदामों में हजारों क्विंटल अनाज खुले में पड़े हुए हैं जो सरकार के लालफीताशाही को दर्शाता है.
चतरा जिला के 12 धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीदारी हो रही है. हंटरगंज प्रखंड के धान क्रय केंद्र पर पिछले 3 दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसान विपिन सिंह का कहना है कि धान क्रय न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसान अपनी आवश्यक चीजें नहीं खरीद पा रहे और न ही स्कूल में बच्चों का फ़ीस, शादी-ब्याह के खर्च आदि की जरूरते भी पूरी हो पा रही है. मेहनत कर धान की उपज तो अच्छी कर ली गई, किन्तु धान की कीमत राज्य सरकार द्वारा नहीं दी जा रही है .जिससे किसानों को आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ रहा है. यदि राज्य सरकार इस मामले में ठोस पहल नहीं करती है तो किसानों के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो जाएगी.
चतरा जिले के 15436 किसानों ने अब तक पैक्स के माध्यम से करीब 98568.88 क्विंटल धान जमा किया है. जिन किसानों ने पैक्स के माध्यम से धान जमा किए हैं उन्हें 2050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है. चतरा जिला में अब तक करीब 47 लाख रुपए का भुगतान भी किया गया है. किसान सरयू यादव का कहना है सरकार द्वारा नियुक्त एजेंसियों पर नकेल कसने की जरूरत है.किसान काफी परेशान हैं और बिचौलियों के हाथों अपना धान बेचने को विवश हैं. बहरहाल धान क्रय केंद्रों पर आस लगाए बैठे किसान अपने-अपने धान जमा करने के लिए कई दिनों से मशक्कत कर रहे हैं, किंतु सरकारी तंत्र की बदहाल व्यवस्था का परिणाम है कि किसानों के धान की खरीदारी नहीं हो पा रही है जिससे किसानों में इसका खासा आक्रोश देखा जा रहा है.
चतरा विधायक सह राज्य के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता का कहना है कि सरकार ने सभी किसानों के धान खरीदने का आदेश जिला प्रशासन को दिया है. अगर धान की खरीदारी समय पर नहीं हो पा रही है तो जिला प्रशासन राज्य सरकार को धान क्रय केंद्र की संख्या बढ़ाने का आवेदन दे सकती है और उसे राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कर दिया जाएगा. चतरा जिला के धान क्रय केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ है. किसान धान क्रय केन्द्रों पर डटे हैं, लेकिन धान का उठाव ही नहीं हो रहा है. गौरतलब है कि चतरा जिला में धान क्रय का जिम्मा एफसीआई का है. राज्य सरकार एफसीआई को ही एजेंसी बनाकर धान की खरीदारी करवा रही है. साफ है कि धान खरीदी करने वाली एजेंसी ही किसानों को परेशान कर रही है. इस मामले में सरकार को ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है.
