रांची: दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया रांची शाखा के द्वारा तकनीकी के सतत विकास और छोटे और माध्यम आकार के प्रोफेशनल के द्वारा उसे सीखने के महत्व और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स प्रोफेशनल के लिए नयी तकनीकों के द्वारा उपलब्ध प्रोफेशनल अवसर विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया.
इस वेबिनार में मुख्य अतिथि इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया के प्रेसिडेंट सीए अतुल गुप्ता ने कहा कि नई नई तकनीक के विकास के साथ हम चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के लिए बहुत से अवसर उत्पन हो रहे हैं.
आज हमारा कार्यक्षेत्र मात्र एकाउंटिंग और अंकेक्षण से बढ़कर सीमारहित हो गयी है. इन अवसरों को प्राप्त करने के लिए हमें हर हाल में नई तकनीकी को अपनाना होगा.
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण पूरी दुनिया लॉकडाउन से एक तरह से थम गयी थी, लेकिन इंस्टिट्यूट इस लॉकडाउन के समय अपने सदस्य चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के अपडेशन के लिए बहुत सी तकनीकी और गैरतकनीकी विषयों पर लगातार वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रमों का आयोजन किया.
इंस्टिट्यूट आज विश्व के 41 देशों में अपनी ऑफिस खोल चुका है और आने वाले दिसंबर तक इससे बढ़ाकर 50 देश में इंस्टिट्यूट की ऑफिस खोलने का प्रयास किया जा रहा है.
इस वेबिनार में उपलब्ध तकनीकी को अधिक से अधिक अपने प्रोफेशनल कार्यों में प्रयोग करने को प्रोत्साहित करते हुए इंस्टिट्यूट के वाईस प्रेसिडेंट सीए निहार निरंजन जम्बूसरिया, मुंबई से जुड़ते हुए कहा कि मशीन या तकनीकी मनुष्य के द्वारा बनायी जाती है.
इस कारण यह मनुष्यों से ऊपर नहीं है. साथ ही उन्होंने कोविड-19 के कारण उत्पन्न विषम परिस्थित में माध्यम और छोटे उद्योगों को उबरने में और उन्हें गति देने में एक आर्थिक और एकाउंटिंग विशेषज्ञ होने के कारण सहयोग करने और देश की अर्थव्यस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भागीदार बनने के लिए कहा.
वेबिनार के विशेषज्ञ वक्ता सीए अर्पित काबरा ने कहा कि आज तकनीक के कारण हमारे प्रोफेशन में असीम संभावना उत्पन्न हुई है, जिसका सही लाभ के लिए हमें इन तकनीकों को जानना और सीखना महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि हमारा प्रोफेशन नॉलेज बेस है और इसके लिए नेटवर्किंग काफी महत्वपूर्ण है. दुनिया के किसी भी कोने में हो, तकनीकी के माध्यम से अपनी नेटवर्किंग बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि आज फॉरेंसिक ऑडिट के क्षेत्र में असीम अवसर उपलब्ध है. इसका लाभ हमें तभी मिलेगी, जब हम फॉरेंसिक ऑडिट से सम्बंधित तकनीकी सीखेंगे.
इस वेबिनार के माध्यम से इंस्टिट्यूट के सेंट्रल इंडिया रीजनल कौंसिल के अध्यक्ष सीए देवेंद्र सोमानी ने भी चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को सम्बोधित किया.
वेबिनार के आरम्भ में इंस्टिट्यूट की रांची शाखा की अध्यक्षा सीए मनीषा बियानी ने सबका स्वागत करते हुए कहा कि हमारी इंस्टिट्यूट अपने डाइनामिक प्रेसिडेंट और वाईस प्रेसिडेंट के नेतृत्व में कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न लॉकडाउन जैसी विषम परिस्थिति में भी एक्टिव रहा, जो कि इंस्टिट्यूट के वर्तमान नेतृव की क्षमता प्रदर्शित करता है.
उन्होंने कहा कि रांची शाखा उनके मार्गदर्शन में लॉक डाउन पीरियड कि सदुपयोग करते हुए बहुत सी तकनीकी और अन्य विषयों पर अपने सदस्यों के लिए वेबिनार का आयोजन किया है और कर रहा है.
इस वेबिनार की अध्यक्षता इंस्टिट्यूट की रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए प्रवीण शर्मा ने की. वेबिनार के समापन पर इंस्टिट्यूट के सचिव सीए प्रभात कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन है.
इस वेबिनार की अध्यक्षता इंस्टिट्यूट की रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए प्रवीण शर्मा ने की. वेबिनार के समापन पर इंस्टिट्यूट के सचिव सीए प्रभात कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
वेबिनार के तकनीकी संचालन रांची शाखा की सीपीइ कमेटी के अध्यक्ष सीए पंकज मक्कड़ ने किया. इस वेबिनार में 300 से ज्यादा चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने भाग लिया.
इस वेबिनार के आयोजन में स्टूडेंट्स एसोसिएशन के रांची शाखा के अध्यक्ष सीए विनीत अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य सीए निशा अग्रवाल और सीए संदीप जालान का महत्वपूर्ण योगदान था.
