रांची: सातवें वेतनमान के अनुसार वर्ष 2016 से 2019 तक के लंबित एरियर की मांग को लेकर राज्यभर के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है. ओपीडी बहिष्कार के चलते इलाज कराने आने वाले मरीजों को कोई देख नहीं रहा. सीनियर डॉक्टर के भरोसे ओपीडी चलाने की रिम्स की कोशिश भी फेल साबित हो रही है. यही वजह है कि मरीजों को बिना इलाज कराए बैरंग लौटना पड़ रहा है.
राजधानी रांची के रिम्स सहित राज्य के सभी 6 मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटलों के रेजिडेंट डॉक्टर्स आज तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर हैं. इस हड़ताल को जूनियर डॉक्टरों का साथ मिल जाने से मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है. हाल यह है कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है . रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से बीमार जनता परेशान है, तो रिम्स जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन इसके लिए सरकार को जिम्मेवार ठहरा रही है. ओपीडी में डॉक्टर्स की मौजूदगी की बात करते हुए जेडीए रिम्स के उपाध्यक्ष डॉ. मृणाल ने कहा कि वह मजबूर होकर हड़ताल पर गए हैं. अब भी अगर मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल जारी रहेगी.

