दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या को स्थानीय इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जिला प्रशासन की ओर से विश्व की प्राचीनतम सभ्यता नामक एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक भेंट की गयी.
दुमका की उपायुक्त राजेश्वरी बी ने यह पुस्तक भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और मुख्यमंत्री को पुस्तक की विशेषता की जानकारी दी.
दुमका के पंडित अनूप कुमार वाजपेयी द्वारा लिखी गयी है. पुस्तक में दावा किया गया है संथाल परगना में एक सभ्यता दफन है, जो सिन्धुघाटी सभ्यता से भी प्राचीन है.
इतना ही नहीं, यहां के पहाड़ों में आदिमानवों के जीवाश्म हैं, जिसकी प्रमाणिकता के लिये कुछ तस्वीरें भी पुस्तक में हैं. पुस्तक में दावा है कि संसार के प्राचीनतम आदिमानव भी संथाल परगना में रहते थे.
पुस्तक में संथाल परगना में बिखरे पड़े पुरावशेषों-जीवाश्मों के बारे भी विस्तार से जानकारी दी गयी है, साथ ही यहां के प्राचीन स्थलों के इतिहास पर भी प्रकाश डाला है. लगभग 300 से अधिक चित्रों वाली इस पुस्तक को समीक्षा प्रकाशन दिल्ली और और मुजफ्फरपुर से प्रकाशित किया गया है.

