BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

ई-कॉमर्स कंपनियां उड़ा रही नियमों की धज्जियां: कैट

by bnnbharat.com
January 25, 2021
in समाचार
ई-कॉमर्स कंपनियां उड़ा रही नियमों की धज्जियां: कैट
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली: कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने विभिन्न ई-कॉमर्स कम्पनियों पर आरोप लगाए हैं. कैट के अनुसार ये कम्पनियां अपनी हठधर्मिता के चलते उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2020, लीगल मैट्रोलोजी कानून, 2011 तथा फूड सेफ्टी स्टैंडर्डस अथॉरिटी के दिशा निदेर्शों का खुले आम उल्लंघन कर रही हैं. कैट ने इस बाबत केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी लिखा है.

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र

कैट के अनुसार उपरोक्त कानूनों में कहा गया है कि ई-कॉमर्स पोर्टल पर अनिवार्य रूप से विक्रेता एवं वस्तु से संबंधित प्रत्येक जानकारी को स्पष्ट रूप से प्रत्येक उत्पाद के साथ लिखना अनिवार्य है. कैट ने इस मसले पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र भेजा है. इसमें विभिन्न ई-कॉमर्स कम्पनियों पर कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और इन कम्पनियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की.

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने केन्द्रीय मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि भारत में एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, स्विगी सहित अन्य ई-कॉमर्स कम्पनियां खुलेआम देश के कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं. वहीं किसी भी सरकारी विभाग ने आज तक इनका संज्ञान नहीं लिया. इन कम्पनियों के हौसले मजबूत हो रहे हैं, जिसके चलते भारत का ई-कॉमर्स व्यापार भिंडी बाजार बन गया है.

वाणिज्य मंत्रालय और ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच एक समझौता

लीगल मैट्रोलोजी कानून, 2011 के नियम 10 में यह प्रावधान है कि ई-कॉमर्स कम्पनियों को अपने पोर्टल पर बिकने वाले प्रत्येक उत्पाद पर निर्माता का नाम, पता, मूल देश का नाम, वस्तु का नाम, शुद्ध मात्रा, किस तिथि से पहले उपयोग (यदि लागू हो), अधिकतम खुदरा मूल्य, वस्तु का साइज आदि लिखना अनिवार्य होता है.

बता दें कि देश में चीन के प्रति बढ़ते तनाव के कारण लोगों में चीनी सामान के बहिष्कार की आवाज उठ रही है. इसी बीच वाणिज्य मंत्रालय ने एक ऐसा फैसला लिया है. जिसका नुकसान भी चीनी कंपनियों को उठाना पड़ सकता है. बता दें वाणिज्य मंत्रालय और ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच एक समझौता हुआ है जिसके तहत अब देश की बड़ी 14 ई- कॉमर्स कंपनियां अपने यहां बिकने वाले सभी उत्पादों पर उनके मूल देश की जानकारी देंगी.

14 कंपनियां हुई शामिल

बता दें इस बैठक में देश की 14 बड़ी ई- कॉमर्स कंपनियां शामिल रही थी. जिसमें अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, पेपरफ्राई, नायिका जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां सहमत थी. हालांकि इन कंपनियों की एक चिंता थी. कंपनियों का कहना था कि अब जो भी नए उत्पाद आएंगे उन पर तत्काल प्रभाव ने उनके मूल देश को नाम लिखा जा सकता है मगर जो उत्पाद पहले से मौजूद हैं उनके लिए कंपनियों ने समय मांगा है. विभाग ने भी उनकी बात मान ली है औक अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को जुलाई तक का समय दिया है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

कांग्रेस पर नेताजी की हत्या का बयान मेरा निजी विचार: BJP सांसद

Next Post

कोहली ने खास अंदाज में दी चेतेश्वर पुजारा को जन्मदिन की बधाई

Next Post
कोहली ने खास अंदाज में दी चेतेश्वर पुजारा को जन्मदिन की बधाई

कोहली ने खास अंदाज में दी चेतेश्वर पुजारा को जन्मदिन की बधाई

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d