नई दिल्ली: देशभर में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की धूम और किसानों के दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के बीच देश के दो अलग-अलग प्रदेशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. सबसे पहले लद्दाख और बाद में महाराष्ट्र के पुणे में शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए.
नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के मुताबिक लद्दाख में मंगलवार को दोपहर में 12 बजकर 48 मिनट पर रिक्टर स्केल पर 3.6 की तीव्रता का भूंकप आया. वहीं महाराष्ट्र के पुणे में शाम को 07 बजकर 28 मिनट पर 2.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया.
लद्दाख में अक्सर आते हैं भूकंप
हालांकि ये दोनों जगहों पर भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है. लद्दाख में अक्सर ही भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. बता दें कि इससे पहले भी बीते साल 19 अक्टूबर को भूकंप के झटके महसूस किए गए उस समय भी इसकी तीव्रता 3.6 की थी.
लद्दाख में भूकंप के झटके
बता दें कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लंबे समय से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं, जोकि चिंता का एक गंभीर विषय है. इसी क्रम में लद्दाख के कारगिल और अंडमान निकोबार में सितंबर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. नैशनल सेंटर फॉर सिसमोलॉजी द्वारा ये जानकारी दी गई. यहां रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.0 मापी गई है. ये झटके अंडमान और निकोबार द्वीप के डिगलीपुर में महसूस किए गए.
लद्दाख में आज सुबह 5.47 पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. यहां इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई. ये झटके लद्दाख के कारगिल में महसूस किए गए.
दिल्ली में भूकंप
वहीं हाल ही में कोरोना महामारी से जूझ रही देश की राजधानी दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.3 मापी गई. हालांकि, राहत की बात ये रही कि इस दौरान किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप के ये झटके दिल्ली के नागलोई इलाके में महसूस किए गए.
इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में 18 दिसंबर की रात को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र गुरुग्राम से 48 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में रहा. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई. भूकंप के ये झटके रात 11.46 पर महसूस किए गए. गनीमत रही कि इस दौरान भी किसी भी प्रकार के जान माल का नुकसान नहीं हुआ.

