नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पर करारा हमला किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मोदी और उनकी ड्रीम टीम के आर्थिक सलाहकारों ने अर्थव्यवस्था को कंगाल कर दिया है. हर एक दिन वित्त मंत्री पैकेज का ऐलान करती हैं. लेकिन जमीन पर क्या कुछ हो रहा है सबको पता है. आज आम लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही बेरोजगारों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है.
राहुल गांधी कहते हैं कि पहले जीडीपी 7.5 फीसद के दर से आगे थी और मुद्रास्फीति की दर 3.5 फीसद पर थी. लेकिन अब उलटा हो रहा है. ताजा तस्वीर ये है कि अब जीडीपी की दर 3.5 फीसद पर है और मुद्रास्फीति 7.5 फीसद पर है. उन्होंने कहा कि सवाल बहुत वाजिब है कि अगर सरकार कदम पर कदम उठा रही है तो उसके नतीजे सामने क्यों नहीं आ रहे हैं.
राहुल गांधी कहते हैं कि देश को बर्बादी पर ले जाने का फैसला साल 2016 में नोटबंदी के रूप में लिया गया था. सरकार कहती थी कि वो काले धन को सिस्टम से बाहर कर देगी. लेकिन हुआ क्या. नतीजा ये रहा कि कैश के रूप में काला धन सिस्टम का हिस्सा बन गया. आज हालात ये है कि बेरोजगार नौकरी की तलाश में है, लेकिन नौकरियां नहीं हैं. आधारभूत उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जो कदम उठाये गए वो सिर्फ कागजों में हैं. मौजूदा मोदी सरकार आखिर कब तक पिछली सरकारों को कोसती रहेगी. उनका मानना है कि मोदी सरकार को आरोप- प्रत्यारोप की जगह कुछ ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

