रांची: झारखण्ड विधान सभा के सदन पटल पर सोमवार दो मार्च को सामाजिक, आर्थिक एवं राजस्व सूचकांक रखा जायेगा.
आर्थिक मामलों के जानकार सूर्यकांत शुक्ला ने बताया कि बजट के एक दिन पहले आर्थिक सर्वे रिपोर्ट निकालने की परंपरा के अनुसरण में राज्य की योजना सह वित्त विभाग यह रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा. आर्थिक सर्वे रिपोर्ट राज्य के आर्थिक विकास का सालाना लेखा जोखा होता है.
यह अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं को समेटते हुए तमाम आंकड़ों के साथ पिछले 12 महीनों में विकास की क्या दशा और दिशा रही, इस पर दृस्टि डालने वाला वित्त मंत्रालय का एक अहम दस्तावेज है. जबकि बजट आने वाले 12 महीनों के लिये आय और खर्च के अनुमान का दस्तावेज होता है. पिछले साल विकास की प्रवृत्ति क्या रही, किन योजनाओं को अमल में लाया गया और इसका क्या फलाफल रहा.
इसमें आर्थिकी के विभिन्न सेक्टरों का हुलिया बताने वाला आंकड़ा भी होता है, जो भविष्य में बनायी जाने वाली नीतियों और योजनाओं के लिए एक मार्गदर्शन देने का काम भी करती है. राज्य के प्रमुख विकास कार्यक्रमों पर सरकार का प्रदर्शन बताने वाला यह एक आधिकारिक दस्तावेज है. इसे सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी कह सकते हैं. इसे सालाना बजट के एक दिन पूर्व जारी किया जाता है. इसे योजना एवं वित्त विभाग तैयार करता है.

