रांची: झारखंड के पूर्व मंत्री और झारखंड पार्टी के नेता एनोस एक्का के 2 प्रॉपर्टी को ईडी ने जब्त कर लिया है. बता दें कि यह प्रॉपर्टी सिमडेगा में है, जिसमें एक घर और एक प्लॉट है.
इससे पहले भी एनोस एक्का आय से अधिक संपत्ति मामले में पहले से 7 साल की सजा काट रहे है. जबकि 2 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मामले में एनोस एक्का पर ईडी कोर्ट ने सभी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है. एनोस एक्का के द्वारा जो भी संपत्ति अवैध तरीके से कमाई गई है या ब्लैक मनी को व्हाइट करने की नीयत से खरीदी गई है, उसे ईडी जब्त करेगी.
एनोस पर 20 करोड़ 31 लाख 77 हजार रुपए मनी लांड्रिंग का आरोप है. 21 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग केस में झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को कोर्ट ने दोषी करार दिया था. लॉकडाउन के कारण चार बार सजा की तिथि बढ़ानी पड़ी है.
दर्ज मामले के अनुसार, एनोस एक्का पर अक्टूबर 2009 में मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में ईडी ने कुल 56 गवाहों के बयान दर्ज करवाएं. जबकि एनोस ने अपने बचाव में 71 गवाहों के बयान दर्ज कराये. कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की टीम ने आरोपी एनोस द्वारा खरीदी गई अचल संपत्ति से जुड़े 116 बिक्री पट्टों को अदालत में चिह्नित करवाया था. ईडी के विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट में बहस करते समय इन दस्तावेजों को मुख्य सबूत बताया था.
बताते चलें कि अक्टूबर 2018 में एनोस एक्का पर प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने अपना पहले भी डंडा चलाया था. अवैध कमाई से पश्चिम बंगाल में एनोस एक्का की पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई ईडी ने शुरू की थी. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिला में स्थित एक्का दंपती की 25 संपत्ति को शनिवार को सील कर दी गई थी.
एनोस एक्का की पत्नी मेनोन एक्का और नीरज उरांव के नाम पर खरीदी गयी थी, इन प्रॉपर्टीज को ईडी ने जब्त कर लिया था. ये सभी संपत्तियां जलपाईगुड़ी जिला के राजगंज प्रखंड में स्थित थी और एनोस एक्का की पत्नी मेनोन एक्का के नाम से खरीदी गई थी.
वहीं रांची में एयरपोर्ट के पास स्थित एनोस एक्का की 5 करोड़ की संपत्ति सील की गई थी. ईडी की टीम ने लालपुर में हरिओम टावर के पांचवें तल्ले पर स्थित C1/5 को भी सील कर दिया गया था.
इसके अलावा एक्का की दो और संपत्ति को सील किया गया था. एनोस एक्का झारखंड के कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे. एनोस एक्का मधु कोड़ा मंत्रिमंडल में मंत्री भी रहे थे. इसी दौरान आय से अधिक संपत्ति का आरोप उन पर लगा था.

