नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने भगोड़ा घोषित रक्षा सलाहकार संजय भंडारी के खिलाफ दक्षिण कोरियाई की सैमसंग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड एसईसीएल) से 2009 में कथित रूप से 49.9 लाख अमेरिकी डॉलर लेने के मामले में धन शोधन का मुकदमा दर्ज किया है.
अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. आरोप है कि भंडारी की फर्म को एसईसीएल ने यह राशि ओएनसीजी सहित सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ तेल कंपनियों द्वारा प्रवर्तित ओपीएएल की गुजरात स्थित इकाई में 6,744 करोड़ रुपये का ठेका दिलाने के लिए दी थी.
उन्होंने कहा कि ओपीएएल ने बदले में परियोजना का ठेका एसईसीएल के नेतृत्व वाले एक समूह और जर्मनी की लिंडे के साझा समूह को दिया.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने इन सौदों की जांच के लिए धन शोधन रोकथाम कानून पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट ईसीआईआर) दाखिल की है, जो पुलिस एफआईआर के समकक्ष है. उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरुआत में इस मामले में सीबीआई ने भंडारी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.

