रांची: सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पर लॉकडाउन अवधि का ट्यूशन फीस माफ करने में फेल होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों को दिग्भ्रमित करने के साथ-साथ ठगने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री ने स्वयं कोरोना महामारी में निजी स्कूलों से लॉक डाउन अवधि में फीस नहीं लेने की बात कही थी और यह बात बार -बार दुहराते भी रहे.
अब शिक्षा मंत्री ने निजी स्कूलों के प्राचार्य के साथ हुई बैठक में निजी स्कूलों को लॉक डाउन अवधि की ट्यूशन फीस लेने की छूट दे दी है. दरअसल, निजी स्कूल जो चाहते थे वही हुआ और मंत्री की इस पर सहमति भी मिल गई है.
शिक्षा मंत्री ट्यूशन माफ कराने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं. अब तो शिक्षा मंत्री की कार्यशैली और क्षमता पर सवाल भी उठने लगे हैं. सांसद ने कहा कि मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक का यही नतीजा निकला कि अभिभावकों को ट्यूशन फीस देनी ही होगी. अब निजी स्कूल अभिभावकों को फोन कर और मैसेज कर फीस वसूली कर सकेंगे, जिसकी छूट मिल गई है.
उन्होंने कहा कि जहां तक परिवहन फीस नहीं लेने की बात है तो जब परिवहन हुआ ही नहीं तो फीस की बात कहां से आ गई. निजी स्कूल के संचालकों ने इस पर पहले से ही हामी भरनी शुरू कर दी थी. इसमें भी शिक्षा मंत्री की कोई भूमिका नहीं है.
शिक्षा मंत्री ने निजी स्कूलों के मन मिजाज के अनुरुप काम किया है. शिक्षा मंत्री ने फीस माफी पर बैठक बुलाकर यह संदेश देने का काम किया है कि वह स्वयं द्वारा कही गई बातों को अमल कराने के लिए बैठक बुलाएं हैं लेकिन बैठक का नतीजा ही बैठक बुलाने की मंशा के साथ-साथ शिक्षा मंत्री के कथनी एवं करनी को ही जग जाहिर कर दिया है.

