लोहरदगाः लोहरदगा जिले के किस्को थाना क्षेत्र के सरना पाट जंगल में मंगलवार की देर रात भालू के हमले से आठ बच्चे घायल हो गए. घायल बच्चों को राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय ऊपर कोचा के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद कबीरूद्दीन अंसारी के सहयोग से सभी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किस्को लाया गया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया. घायल बच्चों में से दो की स्थिति गंभीर है. सभी घायल बच्चे किस्को थाना क्षेत्र के कोचा गांव के रहने वाले हैं.
बताया जाता है कि किस्को थाना क्षेत्र के खरकी पंचायत के कोचा गांव निवासी बाबूलाल नगेसिया का पुत्र प्रीतम नगेसिया, मुनेश्वर नगेसिया का पुत्र मुकेश नगेसिया, सोमा नगेसिया का पुत्र रंगा नगेसिया, श्यामलाल नगेसिया का पुत्र सुनू नगेसिया, वीलेंद्र नगेसिया का पुत्र संतोष नगेसिया, सालकेश्वर नगेसिया का पुत्र उपेन नगेसिया, चारो नगेसिया का पुत्र सुरेंद्र नगेसिया और विफई नगेसिया का पुत्र रवि नगेसिया किस्को थाना क्षेत्र के पाखर सरना पाठ निवासी महेंद्र नगेसिया के घर गांव की अन्य महिलाओं के साथ विवाह समारोह में गए हुए थे.
जहां से सभी आठ बच्चे पहाड़ी रास्ते से होकर कोचा लौट रहे थे. इसी दौरान सरना पाट के समीप अचानक से जंगली भालू ने हमला बोल दिया. भालू के हमला से बचने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे. इसी क्रम में भालू के हमले से सभी बच्चे घायल हो गए. इसमें से प्रीतम और रंगा को सबसे अधिक चोट आई है. भालू के हमले से घायल हुए सभी बच्चों को उत्क्रमित मध्य विद्यालय ऊपर कोचा किस्को के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद कबीरूद्दीन अंसारी एवं ग्रामीणों के सहयोग से किस्को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. जहां से बच्चों को सदर पहुंचाया गया.

