नई दिल्ली. निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने कूच बिहार जिले में हिंसा के बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनावों (West Bengal Elections 2021) के दौरान कुछ पाबंदियां लगाई हैं जिनमें राज्य में पांचवें चरण के मतदान से पहले प्रचार खत्म करने की सीमा 48 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे करना भी शामिल है. आयोग ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ने की किसी भी आशंका से बचने के लिये कूच बिहार जिले में अगले 72 घंटों तक नेताओं के प्रवेश पर रोक लगा दिया है.
राज्य में चौथे चरण के मतदान के दौरान शनिवार को जिले में कथित तौर पर स्थानीय लोगों द्वारा केंद्रीय बलों पर हमले और ‘उनकी राइफलें छीनने की कोशिश’ के बाद केंद्रीय बलों द्वारा की गई गोलीबारी में चार लोगों की मौत के बाद आयोग ने यह पाबंदियां लगाई हैं.अब मतदान से 72 घंटे पहले प्रचार बंद
निर्वाचन आयोग के आदेश में कहा गया, ‘भारत निर्वाचन आयोग निर्देश देता है कि पांचवें चरण (17 अप्रैल को होने वाले चुनाव) के लिये चुनाव प्रचार नहीं होने की अवधि को बढ़ाकर 72 घंटे किया जाएगा. आयोग ने कहा कि मतदान से 72 घंटे पहले प्रचार की इजाजत नहीं दी जाएगी जिससे स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित हो सकें.’
आम तौर पर मतदान से 48 घंटे पहले रोक दिया जाता है. आदेश में कहा गया कि नौ विधानसभा क्षेत्रों वाले कूच बिहार में जहां मतदान शनिवार को संपन्न हो गया वहां किसी भी राष्ट्रीय, क्षेत्रीय या अन्य दल के राजनेता को अगले 72 घंटों तक जिले की भौगोलिक सीमा में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है.’

