उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर से झटका लगा है। बिजली 12 से 15 फीसदी महंगी हो गई है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने मंगलवार को सत्र 2019-20 का टैरिफ आर्डर जारी करते हुए नई दरों का एलान कर दिया। घरेलू बिजली दरें 12 फीसदी तक बढ़ाई गई हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में दरों में 15 फीसदी तक की वृद्घि की गई है।
किसानों, कॉमर्शियल व औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी बोझ बढ़ा है। अलबत्ता उपभोक्ताओं से वसूला जा रहा 4.28 फीसदी रेगुलेटरी सरचार्ज पूरी तरह समाप्त कर थोड़ी राहत दी गई है। नोएडा पावर कंपनी लि. (एनपीसीएल) में भी रेगुलेटरी सरचार्ज खत्म कर दिया गया है। नई दरें 12 सितंबर से लागू होने की संभावना है। सभी श्रेणियों की दरों में कुल मिलाकर औसतन 11.69 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। पॉवर कॉर्पोरेशन ने दरों में 14 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित की थी। नियामक आयोग द्वारा 4.28 फीसदी रेगुलेटरी सरचार्ज खत्म कर दिए जाने के बाद दरों में प्रभावी बढ़ोतरी 7.41 प्रतिशत हो रही है।
परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पावर कॉर्पोरेशन ने बीपीएल शहरी के स्लैब को 50 यूनिट तक सीमित कर उनकी दरों में लगभग 109 % की वृद्धि प्रस्तावित की है, जो गरीबों के साथ अन्याय है। वहीं सुनवाई के दौरान बिजली कंपनियों की पोल खोली जाएगी।

