सुरूर रज़ा,
रांची: बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं सेव द चिल्ड्रेन द्वारा रांची स्थित कैपिटल हिल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर चर्चा हुई. सेव द चिल्ड्रेन पश्चिम बंगाल के 2 जिले, 24 परगना तथा मालदा के 60 ब्रिक क्लिन्स में कार्यरत है. जिसमें 550 बच्चे जो झारखंड, उड़ीसा आदि राज्यों से हैं.
वहीं झारखंड की बात की जाए तो इसमें गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, साहेबगंज जिलों के बच्चों की संख्या ज्यादा है. इन बच्चों को विभिन्न संस्थाओं व डोनरों के सहयोग से अनौपचारिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है.
इस संस्था का उद्देश्य, वैसे बच्चे जो पलायन कर पश्चिम बंगाल के ईंट-भट्ठों में काम करते हैं उनकी सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार प्रदान करना है.
इस कार्यशाला में मौजूद एन. सी. पी. सी. आर. के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि बच्चों को बाल मजदूरी से निकाल कर उन्हें शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित कराना है.
उन्होंने कहा कि इन बच्चों के लिए राष्ट्रीय स्तर के कार्यशाला करानी जरूरी है, जिससे इनकी अधिकारों की सुरक्षा हो सके.

