चेन्नई: कोरोना वायरस के खौफ के चलते एक मजदूर को दो दिन जंगल में बिताने पड़े. चेन्नई से लौटे इस मजदूर को न ही अपने गांव में एंट्री दी गई और न ही उसके लिए क्वारंटीन सेंटर में जगह मिली.
पूरा देश इस समय जानलेवा कोरोनावायरस से लड़ रहा है. इस बीच ओडिशा के बेहरामपुर में बेहद निराश कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां चेन्नई से लौटे एक मजदूर को कथित तौर पर क्वारंटीन सेंटर में जगह न मिलने की वजह से उसे दो दिन जंगल में ही बिताने पड़े.
किसी ने नहीं की मदद
स्थानीय लोगों ने बताया कि चेन्नई से लौटने के बाद वह मदद के लिए पहले पुलिस के पास और फिर उसके बाद ब्लॉक कार्यालय गया, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की. ऐसा भी बताया जा रहा है कि जब वह अपने गांव पहुंचा था, तो स्थानीय निवासियों ने उसे गांव में घुसने की इजाजत नहीं दी.
जंगल में पत्तों पर बिताने पड़े दो दिन
कहीं भी एंट्री न मिलने पर वह पास के ही जंगल में चला गया और वहीं जमीन पर पत्ते इकट्ठा कर सो गया. वह दो दिनों तक जंगल में रहा. बाद में जब मजदूर के जंगल में रहने की बात फैली तो तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची और उसे क्वारंटीन सेंटर ले गई. मजदूर के जंगल में सोने की एक तस्वीर भी सामने आई है.

