रांची: रांची के बेड़ो समेत कई इलाके में जंगली हाथियों के प्रवेश से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल देखा जा रहा है. जंगली हाथी आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर न सिर्फ फसल और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाते है, वहीं कई ग्रामीण भी जंगली हाथियों की चपेट में आ जाते है.
हाथियों के आतंक से परेशान ग्रामीण अपनी जानमाल की सुरक्षा के लिए रतजग्गा कर रहे हैं और वन विभाग की सहायता से हाथियों के झुंड को भगाने के लिए जगह-जगह मशाल जला रखे हैं. जहां कहीं भी हाथी दिखता है, ग्रामीण अपनी जान पर खेल कर उसे भगाने के लिए उसके पीछे मशाल, नगाड़ा और बड़े टार्च लेकर निकल पड़ते है.
इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में हाथी जमकर फसल को बर्बाद कर रहे हैं, घरों को तोड़ रहे हैं, लेकिन इन जंगली हाथियों के आगे वन विभाग की भी नहीं चल रही है.
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी झुंड से बिछड़े हुए हाथी से होता है, ये हाथी धान की महक पाते ही उस घर में घुस जाते है और घर को क्षतिग्रस्त कर पूरा धान खा जाते है.
हालांकि, वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को डीजल, केरोसिन तेल, और पटाखे दिये गये है, ताकि गांव में हाथी के घुस आने पर उसे भगाया जा सका. इसके बावजूद हाथियों द्वारा किये गये नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिल पाने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है. वन विभाग की ओर से जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया गया है.

