रांची: झारखंड में प्रत्येक सात-आठ किलोमीटर की परिधि तथा दस हजार की आबादी पर प्लस टू विद्यालय की सुविधा उपलब्ध कराने की निधि है. हालांकि इसके कारण कई पठारीय और वन आच्छादित क्षेत्र में रहने वाले छात्र-छात्राओं को सात-आठ किलोमीटर की दूरी तय करने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है.
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में अभी उच्चतम माध्यमिक शिक्षा के लिए 1222 प्लस टू विद्यालय कार्यरत है. जिसमें सरकारी प्लस टू विद्यालयों की संख्या 510 है, स्थानीय प्रस्वीकृत इंटर महाविद्यालय 176, स्थापना अनुमति प्राप्त इंटर महाविद्यालय 122, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय 203, झारखंड आवासीय बालिका विद्यालय 57, केंद्रीय विद्यालय(स्थायी) 26, केंद्रीय विद्यालय (अस्थायी) 9, जवाहर नवोदय विद्यालय (26), मॉडल विद्यालय 89, इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय हजारीबाग 1, नवस्थापित आवासीय विद्यालय 3 है. ये विद्यालय रांची,चाईबासा और दुमका में स्थापित है.
राज्य सरकार द्वारा हाल में यह भी घोषणा की गयी है कि जिन सरकारी स्कूलों को पिछले पांच वर्षां में बंद किया गया था, उन स्कूलों को फिर से खोला जाएगा और वहां पठन-पाठन की व्यवस्था की जाएगी.

