ब्यूरो चीफ, टीम,
रांची: झारखंड सरकार इन दिनों ताबड़तोड़ अनुसूचित जाति, जनजाति टोलों में सौर ऊर्जा आधारित मोटर पंप जलापूर्ति योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है. इसमें पंचायती राज विभाग, पेयजल और स्वच्छता विभाग लगे हुए हैं. पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से 10 हजार से अधिक टोले चिह्नित किये गये हैं, जिनमें 30 सितंबर तक योजना को पूरा करने की मियाद रखी गयी थी. इस योजना में 535 करोड़ से अधिक खर्च किये जा रहे हैं, ताकि लोगों को पीने का स्वच्छ पानी मिल सके. योजना में एक स्कीम का इस्टीमेट 3.55 लाख से लेकर 4.20 लाख तक है. पर वास्तविक खर्च सिर्फ 90 हजार रुपये ही हो रहा है.
बीएनएन भारत की टीम ने इस योजना को लेकर अपनी पड़ताल की है. आइये जानते हैं कि इस योजना के नियम, शर्त और कैसे हो रहा है काम. योजना के तहत उच्च प्रवाही नलकूप (एचवाइडीटी), कुंआ, नहर, आहर में स्टील स्ट्रक्चर वाले फ्रेम के ऊपर चार हजार लीटर का पानी का टंकी रखना है. जिसमें नलकूप के जरिये सौर ऊर्जा के एक एचपी मोटर पंप (डीसी पंप) से पानी भरना है. नलकूप में सबमर्शिबल मोटर लगाना है, जिसका वाटेज 900 डब्ल्यूपी होना चाहिए. आइइसी एप्रूव्ड सोलर सेल मोड्यूल इसमें लगाना जरूरी है. इस सौर ऊर्जा मॉड्यूल 10 से 85 डिग्री सेल्सियस का तापमान सहने की क्षमता होनी चाहिए. एचडीपीइ पाइप और एसएस निप्पल भी लगाना सुरक्षा के लिए जरूरी किया गया है. संवेदकों के लिए आइएस 456-1978 का पालन करना जरूरी है.
रांची में दो ही कंपनियां अपने को लिस्टेड करने का कर रही हैं दावा
राजधानी रांची में दो ही कंपनियां अपने को इस काम के लिए लिस्टेड होने का दावा कर रही हैं. इसमें रातू रोड की कंपनी कमला इंटरप्राइजेज और पीपी कंपाउंड की ग्रीन इनर्जी पावर लिमिटेड शामिल हैं. इनके द्वारा 90 हजार रुपये से लेकर 1.10 लाख रुपये तक में सोलर मोटर, एचडीपीइ पाइप और सोलर पैनल और अन्य सामग्रियां उपलब्ध करायी जा रही हैं. कार्यादेश लेकर आनेवालों को 20 से 30 हजार रुपये का कमीशन भी इसमें दिया जा रहा है. इसमें मुखिया का अनुशंसा पत्र होना जरूरी है.
क्या है इस्टीमेट-
राज्य सरकार की सौर मोटर डीसी पंप जलापूर्ति योजना का इस्टीमेट 3.55 लाख से 4.20 लाख रुपये तक है. इसमें पैनल, मोटर, पाइप, टैंक और इलेक्ट्रिक पैनल शामिल है.
हम एक बानगी दिखा रहे हैं, रांची जिले के खिजरी पंचायत के नयाटोली गांव का. यहां पर सौर ऊर्जा आधारित पंप लगा है. चार हजार लीटर की टंकी की जगह 1500 लीटर की टंकी लगी है. फ्रेम में अभी से ही जंग लगने लगा है. लोगों का कहना कै कि वे दूषित पानी पीकर और बीमार हो रहे हैं. यहां पर संवेदक ने कोई काम नहीं किया है. पानी के जमाव से लोगों को आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं.

