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जांच प्रतिवेदन नहीं देने पर विधानसभा की प्राक्कलन समिति नाराज

by bnnbharat.com
March 31, 2021
in समाचार
झारखंड विधानसभा में बीजेपी-कांग्रेस विधायक आमने-सामने, हाथापाई की नौबत

झारखंड विधानसभा में बीजेपी-कांग्रेस विधायक आमने-सामने, हाथापाई की नौबत

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 9 अप्रैल तक रिपोर्ट नहीं देने पर विभागीय सचिवों व उपायुक्तों को समिति के समक्ष होना होगा उपस्थित

रांची:- झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने कई विभागों  के सचिवों एवं उपायुक्तों से  मांगे गए जांच प्रतिवेदन अब तक उपलब्ध नहीं  कराए जाने पर नाराजगी  व्यक्त करते हुए इसे गंभीरता से लिया है. समिति ने इस विषय पर अंतिम स्मार देते हुए 9 अप्रैल तक जांच  प्रतिवेदन तलब किया है. इस तिथि पर जांच प्रतिवेदन नहीं आने पर सचिव एवं उपायुक्त को समिति के  समक्ष अगली तिथि पर सशरीर उपस्थित होकर जवाब देना पड़ेगा. यह निर्णय आज प्राक्कलन समिति के सभापति दीपक बिरूआ की अध्यक्षता में  हुई समीक्षा बैठक में लिया गया. समीक्षा बैठक में  विधायक  डॉ. लंबोदर महतो भी शामिल हुए. समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि कई विभागों के द्वारा और जिला से मांगे गए जांच प्रतिवेदन अब तक समिति को उपलब्ध नहीं कराया गया है. समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि  जांच प्रतिवेदन सौंपने  में विभिन्न विभागों के सचिव और उपायुक्तों की भी उदासीनता बनी हुई है. समीक्षा के क्रम में ऊर्जा विभाग द्वारा पीटीपीएस से पीयूभीएन एल बनने  से संबंधित समझौता पत्र  अब तक समिति को नहीं सौंपने  और ऊर्जा विभाग द्वारा ही विद्युत आपूर्ति में अनियमितता पर सकारात्मक एवं संतोषजनक जवाब देने और कई विषयों पर समिति विभागीय  उदासीनता को गंभीरता से लिया है. दीपक बिरूआ ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया की समिति औपचारिकता निभाने के लिए बैठक नहीं करती है और ऐसी मंशा रखने वाले अधिकारी  सावधान हो जाएं. लापरवाही एवं  असंवेदनशीलता  को  समिति ने  गंभीरता से लिया है.

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