रांची: लगभग 30 वर्ष पहले बुजुर्ग पुरुषोत्तम लाल रूंगटा ने रातू रोड स्थित राणी सती मंदिर की छत के ऊपर मंदिर के तत्कालीन ट्रस्टी स्व• सत्यनारायण नारसरिया के सहयोग से पक्षियों (कबूतर) को अनाज (दाना) देने का कार्य प्रारम्भ किया.
कुछ समय पश्चात् उन्होंने यह कार्य सांवरमल बुधिया को सौंप कर स्वयं दूसरे मोहल्ले में रहने चले गये. सांवरमल बुधिया पिछले 25 वर्षों से अनवरत यह सेवा कार्य कर रहे हैं.
लगभग एक साल से उनके अस्वस्थ होने के कारण उनके पुत्र निर्मल बुधिया यह कार्य कर रहें हैं.
प्रतिदिन 25 -30 किलो अनाज डाला जाता है. जिसमें मौसम के अनुसार, गेहूं, मक्का, बाजरा इत्यादि कोई भी अनाज हो सकता है और पानी की व्यवस्था भी की जाती है.
इस पुनीत कार्य में सुशील कुमार रूंगटा, मनोज मित्तल, राणी सती मंदिर के ट्रस्टी ज्ञान प्रकाश जालान, रतन जालान, प्रदीप नारसरिया, अध्यक्ष सतीश तुलस्यान आदि का भी सहयोग प्राप्त होता है.
इस कार्य में तीन पीढ़ी एक साथ लगी हुई है. सबसे पहले सांवरमल बुधिया फिर उनके पुत्र निर्मल बुधिया और जब कभी निर्मल बुधिया बाहर जाते है तो उनके पुत्र राज बुधिया.
यह कार्य समाज के लोगों द्वारा आर्थिक सहयोग से संचालित होता है.

