BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

इस मंदिर में आज भी रखा है भगवान बुद्ध का दांत

by bnnbharat.com
February 29, 2020
in समाचार
इस मंदिर में आज भी रखा है भगवान बुद्ध का दांत
Share on FacebookShare on Twitter

नयी दिल्लीः भगवान बुद्ध, की मृत्यु ईस्वी पूर्व 483 में हुई थी. इस बात को हजारों साल बीत चुके हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि श्रीलंका में एक ऐसा अद्भुत मंदिर है, जहां आज भी भगवान बुद्ध के दांत रखे होने का दावा किया जाता है.

कहते हैं कि यह दांत आज भी बढ़ रहा है. यह मंदिर श्रीलंका के कैंडी शहर में है.  इस मंदिर को ‘दांत मंदिर’ के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर उस कैंडी शहर में है, जो कभी श्रीलंका की राजधानी हुआ करता था. श्रीलंका के राजा यहां रहते थे. जब राजशाही का अंत हुआ, तब कैंडी में औपनिवेशिक आवाजाही बढ़ी.

कैंडी का धार्मिक महत्व भी बहुत ज्यादा है, क्योंकि यहां अनेक महत्वपूर्ण बौद्ध मंदिर हैं.  कहते हैं कि भगवान बुद्ध के देह त्यागने के बाद उनका अंतिम संस्कार उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में हुआ था, लेकिन उनके एक अनुयायी ने उनकी चिता पर से उनके दांत निकाल लिए और राजा ब्रह्मदत्त को दे दिया. कई वर्षों तक भगवान बुद्ध का वो दांत राजा ब्रह्मदत्त के पास रहा.

कहते हैं कि भगवान बुद्ध के दांत के लिए कई लड़ाईयां लड़ी गईं। वो दांत कई राजाओं के पास गया और आया. आखिर में भगवान बुद्ध के ही एक अनुयायी ने चोरी-छुपे उस दांत को श्रीलंका पहुंचा दिया. प्राचीन समय में कैंडी के एक राजा ने अपने महल के पास ही भगवान बुद्ध के दांत के लिए एक विशाल भव्य मंदिर बनवाया और तब से वह दांत उसी भव्य मंदिर में रखा हुआ है.

हालांकि वर्ष 1603 में जब पुर्तगालियों ने श्रीलंका पर हमला किया, तो भगवान बुद्ध के उस दांत को रक्षा के लिए दुम्बारा ले जाया गया, लेकिन बाद में फिर उसे कैंडी लाया गया. यह दांत एक छोटी सी डिबिया में रखा हुआ है. मंदिर में जाने वाले लोग उस दांत के दर्शन कर सकते हैं.

हालांकि डिबिया खोलकर किसी को भी वो दांत नहीं दिखाया जाता है. हर बुधवार को भगवान बुद्ध के पवित्र दांत को सुगंधित फूल मानुमुरा मंगलया से बने सुगंधित पानी से प्रतीकात्मक तौर पर स्नान कराया जाता है. इसके बाद इस पवित्र जल को श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है.

इस जल को चंगाई की शक्तियों से युक्त माना जाता है. कैंडी शहर में हर साल जुलाई और अगस्त के महीने में ‘कैंडी पेराहेरा’ नाम का एक उत्सव मनाया जाता है. इस दौरान जिस डिबिया में भगवान बुद्ध का दांत रखा हुआ है, उसे पूरे शहर में घुमाया जाता है.

आपको बता दें कि भगवान बुद्ध के इस दांत मंदिर को साल 1998 में यूनेस्को ने विश्व विरासत में शामिल किया था. साल 2017 में जब प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका गए थे, तो उन्होंने भी इस दंत अवशेष मंदिर और भगवान बुद्ध के पवित्र दांत के दर्शन किए थे.

इस दौरान उनके साथ श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना भी थे. प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में पुष्पांजलि भी अर्पित की थी.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

कांग्रेस ने कहा, दिल्ली पुलिस कर रही है एकतरफा कार्रवाई, SC ले संज्ञान

Next Post

दुकानदारों की मांग, कहा- वेंडर जोन बनाया जाए और वेंडर सर्टिफिकेट भी जारी किया जाए

Next Post
दुकानदारों की मांग, कहा- वेंडर जोन बनाया जाए और वेंडर सर्टिफिकेट भी जारी  किया जाए

दुकानदारों की मांग, कहा- वेंडर जोन बनाया जाए और वेंडर सर्टिफिकेट भी जारी किया जाए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d