अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड के द्वारा चलाए जा रहे लेक्चर सीरीज के दौरान यू०एस०ए० से डॉ० ऐश्वर्य प्रसाद, MD, MPH, CLINICAL psychiatrist ने विद्यार्थी परिषद के फेसबुक पेज के माध्यम से लाइव ” विषम पस्थितियों में अपने आप को सुदृढ़ कैसे बनाए” विषय पर अपना उद्बोधन दिया. डॉ ऐश्वर्या ने बताया कि आज जो स्थिति पूरे विश्व में बन रही है कोई भी व्यक्ति इसके लिए कभी तैयार नहीं था और यही कारण है कि लोग आज काफी ज्यादा तनाव लेना पड़ रहा है .
जब चीन में सबसे पहले कोरना आया तो लगभग 50 प्रतिशत लोगों ने सर्वे में बताया था कि उन्हें इसे लेकर मानसिक तनाव है. अपने ऊपर आने वाले तनाव से अगर कोई इंसान परेशान है तो उसे सबसे पहले उसे इसे पहचानना चाहिए कि किस तरह का तनाव आप पर आ रहा है, अपने ऊपर आने वाले बदलाव को नोटिस करना चाहिए, और यह स्वीकार करना चाहिए कि आप स्ट्रेस लेवल से गुजर रहें हैं, यह स्वीकार करने मात्र से इंसान में ढेरों बदलाव आ जाती है .
ये वक्त कोई छुट्टी का दिन नहीं है, विद्यार्थियों को यह सोचना चाहिए कि ये लॉक डाउन हटेगा तो आपको कुछ कार्य इतने दिनों में पूर्ण कर लेना चाहिए। विद्यार्थी को डेली रुटीन बना कर अपने दिनचर्या को पूरा करना चाहिए।
विद्यार्थियों को सकारात्मक लक्ष्य बना कर उस पर कार्य करना चाहिए . अभी के समय में व्यायाम का बहुत महत्व है. कम से कम 30 मिनट अपने घर पर ही रह कर व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम से मन शांत होता है तथा एक सकारात्मक स्फूर्ति उत्पन्न होता है. आपका मन आपको वाश में नहीं कर रहा है आप मन को वश में कर रहे हैं ऐसा अभ्यास करना चाहिए.
घर में अकेले रह कर एकांत में नहीं रहना चाहिए, अपने आपको घर के लोगों के साथ भी व्यस्त रखना चाहिए. अपने दोस्तों से बात करते रहें। लॉक डाउन के लिए कोई तैयार नहीं था, किसी ने इस बात को ट्रेनिंग नहीं ली हुई थी कि ऐसा होगा तो ऐसा किया जाएगा इसीलिए अपने आप को अपनों के साथ व्यस्त रखना चाहिए, इससे आपका मानसिक तनाव कम होता है. दुनिया जो कुछ भी अच्छा हो रहा है उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. समाजिक कार्य हो रहे इन सभी को प्रेरित करना चाहिए. अगर आप अपने आप को सुरक्षित रख कर समजिक कार्य में लगाते है तो यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छा होता है. घर में रहने सबसे ज्यादा जरूरी यह हो जाता है की क्या हम पॉस्टिक आहार ग्रहण कर रहे हैं या नहीं.
पौष्टिक आहार का हमारे दैनिक जीवन पर खास असर पड़ता है. घर पर रहने पर यह हम तय करना चाहिए कि कहीं बैठे बैठे हम अनियमित भोजन का सेवन तो नहीं कर रहे, पानी तो कम नहीं पी रहे. समाचार देखने के लिए भी एक समय रखना चाहिए. टीवी पर चलने वाले नकारात्मक समाचार से दूरी बनाए रखनी चाहिए. अपने समय को छोटे छोटे कार्य में बांट कर दिन का पूरा रुटीन पूरा करना चाहिए. इस समय कुछ अच्छा करने का है, ये दिन बीत जाएगा और फिर से अच्छा होगा ऐसा सोच कर सब कुछ करना चाहिए.
इस दौरान प्रान्त अध्यक्ष प्रो नाथू गाड़ी, संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ला, प्रदेश मंत्री राजीव रंजन देव पांडेय, सोशल मीडिया के all india co-convenor दीपेश कुमार, राष्ट्रीय मंत्री विनीता कुमारी, विशाल सिंह,सह मंत्री नवलेश कुमार, मोनु शुक्ला ,मनोज सोरेन, बपन घोष,NEC सदस्यविनीत पांडेय, संजय मेहता, प्रदेश पदाधिकारी गण, विभाग संयोजक, जिला संयोजक, शिक्षक कार्यकर्ता सहित अन्य कार्यकर्ता गण लाइव उपस्थित थे.

