मणिपुर: दक्षिण अमेरिका के अमेजन रिवर बेसिन में पाई जाने वाली एक मछली के मणिपुर में मिलने के बाद विशेषज्ञ चिंतित हैं. उन्हें डर है कि कहीं इससे उत्तरपूर्वी राज्य के जलीय पारिस्थिति में फर्क ना पड़ जाए. यह मामला तब सामने आया जब एक मछुवारे ने मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के वैशेल कनाल में अमेजन सेलफिन कैटफिश को पकड़ा. बिष्णुपुर जिले में उत्तर पूर्व क्षेत्र की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है.
विशेषज्ञों ने कहा कि अमेजन सेलफिन कैटफिश कुछ साल पहले बिहार के पटना में गंगा में पाई गई थी और निचले असम में ब्रह्मपुत्र में भी, लेकिन इस प्रजाति को किसी अन्य पूर्वोत्तर राज्यों से अभी तक रिपोर्ट नहीं किया गया था. मणिपुर केन्द्र के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ बसुधा देवी कहती हैं, ‘राज्य के जल निकायों से ऐसी विदेशी प्रजातियों को पकड़ने की रिपोर्ट एक अच्छा संकेत नहीं है क्योंकि उनकी उपस्थिति इस क्षेत्र की जलीय विविधता को ध्वस्त कर सकती है.’ उन्होंने यह भी कहा कि इससे क्षेत्र की जैव विविधता प्रभावित होगी.
इस एक फुट लंबी मछली को तेजी से फैलने वाली प्रजाति कहा जाता है. रिपोर्टों के अनुसार, यह एल्गा खाने वाली मछली, जो 49 सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है और 310 ग्राम तक वजन कर सकती है, कुछ देशों में मछली को खत्म करने के लिए जानी जाती है.

