रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बेरमो और दुमका उपचुनाव में गठबंधन उम्मीदवारों को मिली जीत का श्रेय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को देते हुए एक प्रस्ताव पारित कर आभार व्यक्त किया है. रांची स्थित पार्टी कार्यालय में आज हुई बैठक में पार्टी नेताओं ने विधानसभा के विशेष सत्र के माध्यम से सरना धर्म कोड को पारित कराने में भी अहम भूमिका निभाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को धन्यवाद दिया.
इस मौके पर पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा की ओर से लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर और धन-बल का प्रयोग कर बेरमो और दुमका विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया गया, इस दौरान भाजपा नेताओं की ओर से चोट्टा, जानजा निकालने की बात कही गयी, लेकिन जनता ऐसे नेताओं को खारिज करते हुए दोनों ही स्थानों से यूपीए उम्मीदवारों को जीत दिलायी.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आदिवासी बहुल झारखंड राज्य में पिछले कई वर्षां से अलग सरना धर्म कोड की मांग की मांग की जा रही थी, लेकिन भाजपा नेताओं ने कभी इस दिशा में ध्यान नहीं दिया, परंतु कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किये गये वायदे को पूरा करते हुए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरना आदिवासी धर्म कोड का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की मुख्यमंत्री से भी बात हुई, जल्द ही इस दिशा में सार्थक पहल करते हुए केंद्र सरकार से भी बात कर जनगणना 2021 में अलग सरना आदिवासी धर्म कोड को शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में राजस्व संग्रहण का काम लगभग पूरी तरह से ठप्प हो चुका था और इस दौरान केंद्र सरकार से भी झारखंड को कोई खास सहायता नहीं मिली, राज्य सरकार ने अपने संसाधनों के बल पर हर गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अनाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया, वहीं वापस लौटे प्रवासी कामगारों को गांव-पंचायत में ही रोजगार उपलब्ध कराये जा रहे है. मनरेगा और एनआरईपी समेत विभिन्न योजनाओं से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. वहीं कृषि के क्षेत्र में लागू तीन नये कानून के खिलाफ भी पार्टीका आंदोलन जारी रहेगा.

