खास बातें:
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जून से 6,104 स्टेशनों में चेहरा पहचानने वाले कैमरे लगेंगे, घर से भागने वाले बच्चों को भी ढूंढने में मदद मिलेगी
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2022 तक देशभर के सभी बड़े-छोटे रेलवे स्टेशनों पर फेस रिकग्निशन सिस्टम होगा
रांची/नई दिल्ली: अब काेई संदिग्ध देश के किसी भी रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगा, तो उसकी जानकारी पुलिस थाने को मिल जाएगी. इसके लिए रेलवे बोर्ड जून से स्टेशनों पर फेस रिकग्निशन कैमरे लगाने जा रहा है. 2022 तक यह काम पूरा होगा. देशभर के सभी रेलवे स्टेशनों में सामान्य कैमरे लगाए जा रहे हैं, लेकिन ए1, ए, बी और सी श्रेणी के स्टेशनों में तय संख्या में 4के यूएचडी (अल्ट्रा हाई डेफिनेशन) कैमरे लगाए जाएंगे.
बड़े स्टेशनों पर 8 और छोटे स्टेशनों पर 4 कैमरे लगेंगे. ये ऐसी जगह लगेंगे, जहां से आने-जाने वाले हर एक पर नजर रखी जा सके. इन कैमरों को फेस रिकग्निशन साॅफ्टवेयर से जाेड़ा जाएगा.
पहले चरण में इन स्टेशनों में लगेंगे कैमरे
दिल्ली, आनंद विहार, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, भोपाल, जयपुर, पटना, अमृतसर, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बेंगलुरू, रांची, अहमदाबाद, चंडीगढ़, रायपुर.
देश के किसी भी थाने से संदिग्ध की फोटो अपलोड की जा सकेगी
किसी भी थाने से संदिग्ध या अपराधी का फोटो जीआरपी, आरपीएफ या कंट्राेल रूम से साॅफ्टवेयर में अपलोड किया जा सकता है. साॅफ्टवेयर में लिंक होते ही सभी 4के यूएचडी कैमरे में तस्वीर पहुंच जाएंगी. जब उस फोटो से मैच करता कोई व्यक्ति कैमरे के सामने से गुजरेगा, तो कैमरा साॅफ्टवेयर की मदद से अपने आप कंट्रोल रूम को जानकारी देगा. इसके अलावा यह सॉफ्टवेयर घर से भागने वाले बच्चों को ढूंढ़ने में भी मदद करेगा, क्योंकि ज्यादातर बच्चे ट्रेन के जरिए ही बड़े शहर की ओर जाते है. रेलवे इसके लिए फेस रिक्गनिशन साॅफ्टवेयर खरीदेगा.
कहां-कितने कैमरे लगाए जाएंगे
स्टेशनों की श्रेणी कैमरे लगेंगे 4के यूएचडी कैमरे
ए-1 92
ए-6 40
बी 38
सी 26
डी-ई 10
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चीन अपना चुका है यह सिस्टम
चीन पहले ही फेशियल रिकग्निशन सिस्टम अपना चुका है. इसका इस्तेमाल वह रेलवे और एयरपोर्ट की सुरक्षा, अपराध की रोकथाम और यातायात नियंत्रण के लिए करता है. इस सिस्टम से कानून प्रवर्तन अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को काफी सहायता मिलती है.

