दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी है. किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है. सरकार कुछ संशोधन पर अड़िग है तो किसान कृषि कानूनों को वापस कराने की मांग पर अड़े हैं. अब किसानों को सरकार को लिखित जवाब दे दिया है कि उन्हें सरकार का संशोधन का प्रस्ताव मंजूर नहीं है.
वहीं, आज कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. दायर याचिका में कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है.
किसानों ने आज चिल्ला बॉर्डर जामने जाम कर दी है. दिल्ली-नोएडा (चिल्ला बॉर्डर) बॉर्डर बंद होने के कारण अब नोएडा से दिल्ली जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डीएनडी और सराय काले खां के रास्ते पर लंबा जाम लग गया है. अब तक यहां नोएडा से दिल्ली जाने वाले दो लेन खुले थे लेकिन अब किसानों ने अपना प्रदर्शन तेज करते हुए दिल्ली जाने वाली सभी लेन बंद कर दी है.
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई तो सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें मैसेज मिला है कि वकील हरीश साल्वे अदालत में पेश होना चाहते हैं. इस पर सीजेआई एसए बोबडे ने कहा कि आप कोर्ट मास्टर पर टिप्पणी न करें. हम आपसे पूछ रहे हैं कि क्या वकील साल्वे इस मामले में उपस्थित होंगे.
एसजी ने कहा कि मुझे अभी मैसेज मिला है. इस पर सीजेआई ने कहा कि हमारे पास कोई जानकारी नहीं है कि वह यहां उपस्थित होंगे. इसके बाद अधिवक्ता दुष्यंत तिवारी ने अदालत से कहा कि आपने अमित साहनी केस(शाहीन बाग मामले में) में जो आदेश दिया था उसका पैरा संख्या 19 देखें.

