मोदी सरकार किसानों के विकास के प्रति कटिबद्ध
दिल्ली: केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसान सुधार कानून को लेकर कहा कि किसानों की आय दोगुनी, फसल की पैदावार बढ़ाने और क्वालिटी प्रोडक्सन में यह कानून मिल का पत्थर साबित होगा.
भारत की अर्थव्यवस्था सीधे किसान और गांव से जुड़ा है. किसान आत्मनिर्भर और सशक्त होंगे तो देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी. किसान होंगे आत्मनिर्भर तो देश भी आत्मनिर्भर होगा.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को इस कानून के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि भारत की इकोनॉमी 2 ट्रिलियन से 5 ट्रिलियन करने के लिए भारत के हर नागरिक और किसानों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है.
किसानों की फसल दुनिया के बाजार तक पहुंच, किसानों के हित और अर्थव्यवस्था में हिस्सेदार बनाने लिए यह कानून लाया गया है. इस कानून से बेहतर बाजार और किसानों की आय दोगुनी होगी. किसानों की स्वतंत्रता होगी कि वे अपना बाजार खुद तय कर पायेंगे.
इस कानून में दो पक्ष पर ध्यान दिया गया है. बेहतर फसल और ज्यादा फसल. इस बिल के माध्यम से यह ध्यान में रखा गया है कि किसान चाहे तो मंडी में बेचे या खुले बाजार में बेचे या फिर किसी के साथ फसल का एग्रीमेंट कर फसल का एडवांस पैसे लेकर फसल तैयार कर सकते हैं.
मछली उत्पादन का फसल के रूप में चयन
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पिछले छः वर्षों से किसानों के हित में कई अहम फैसले लिए. अनाज की खरीदारी और कीमत में बढ़ोतरी किया गया. इस कृषि सुधार कानून में मछली उत्पादन को फसल का रूप दिया गया है. देश में मछली उत्पादन की बड़ी संभावनाएं है.
उन्होंने कहा कि कानून किसानों को ई-ट्रेडिंग मंच उपलब्ध कराएगा. मंडियों के अतिरिक्त व्यापार क्षेत्र में फॉर्मगेट, कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस, प्रसंस्करण यूनिटों पर भी व्यापार की स्वतंत्रता होगी. एमसपी पर पहले की तरह खरीद जारी रहेगी.
देश में 10 हजार कृषक उत्पादक समूह निर्मित किए जा रहे हैं. यह समूह (एफपीओ) छोटे किसानों को जोड़कर उनकी फसल को बाजार में उचित लाभ दिलाने की दिशा में कार्य करेंगे.
बुवाई से पूर्व किसान को मूल्य का आश्वासन मिलेगा. दाम बढ़ने पर न्यूनतम मूल्य के साथ अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा, अनुबंध के बाद किसान को व्यापारियों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी. खरीदार उपभोक्ता उसके खेत से ही उपज लेकर जा सकेगा.
किसी भी विवाद की स्थिति में कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने की आवश्यक्ता नहीं होगी. उसका निपटारा 30 दिवस में स्थानीय स्तर पर करने की व्यवस्था की गई है. कृषि क्षेत्र में शोध एवं नई तकनीकी को बढ़ावा मिलेगा.
कांग्रेस कृषि कानून को लेकर फैला रहा है भ्रांति
अर्जुन मुंडा ने कहा कि देश के किसान इस बिल से खुश है. केंद्र सरकार किसानों के हित में सोचने वाले दल की सरकार है. किन्तु इस कानून को लेकर कांग्रेस समेत कुछ दल भ्रम फैला रही है. जबकि कानून बनाए जाने से पूर्व किसानों से, कांग्रेस शासित राज्यों से भी सलाह लिया गया था. कांग्रेस अपने लगभग 50 साल के कार्यकाल में किसानों को ठगने का कार्य किया है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस बिल से सकते में है और इसे लेकर किसानों के बीच पुंजीपतियों के फायदे की बात कर रहे हैं. वैश्विक दृष्टीकोण से यह बिल किसानों के हित में है. खुले बाजार में किसान अपना फसल बिना किसी टैक्स के अब बेच सकेंगे. उन्होंने कहा कि भारत के किसान अब लॉकिंग सिस्टम से निकलना चाहते है.

