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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 3500 श्रमिकों की सूची सौंपी
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेराहत निगरानी (कोविड-18) समिति की बैठक आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डाॅ. रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में हुई.
इस दौरान दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल चैधरी की ओर से झारखंड के विभिन्न जिलों में रहने वाले 3500 प्रवासी श्रमिकों के नाम, मोबाइल नंबर और पत्ता के साथ पूरी सूची प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी गयी है.
इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामेश्वर उरांव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे तत्काल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सेबात कर इन श्रमिकों को वापस लाने के लिए पहल करें. बैठक में समिति के सदस्य प्रदीप तुलस्यान, आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता छोटू भी उपस्थित थे.
प्रदेश् कंट्रोल रूम गुजरात में फंसे 163 विद्यार्थियों की सूची भी मिली है. जिसमें बताया गया है कि पिछले दिनों उनकी वापसी को लेकर मेडिकल टेस्ट हो चुका था और निबंधन समेत सारी प्रक्रिया हो चुकी थी, लेकिन बाद में गुजरात सरकार ने उन्हें रोक दिया.
इन विद्यार्थियों ने घ र वापसी के लिए झारखंड सरकार से सहयोग की मांग की है. प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. रामेश्वर उरांव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से बात कर इन सभी विद्यार्थियों की घर वापसी सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया है.
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में वित्तमंत्री डाॅ. रामेश्वर उरांव ने देशभर के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी कामगारों को भरोसा दिलाया कि सभी श्रमिकों की घर वापसी सुनिश्चित होगी, इतने दिनों तक लोगों ने संयम रखने का काम किया और कुछ दिनों तक संयम रखे, राज्य सरकार उन्हें हर हाल में घर वापस लाने काम करेगी.
केंद्र सरकार की ओर से 20लाख करोड़ रुपये के पैकेज के संबंध मेंडाॅ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अभी लगातार पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है, सरकार इसका अध्ययन करेगी, लेकिन एक बात तय है कि कर्ज मिलने से प्रवासी श्रमिकों और किसानों को कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि इस कर्ज के बोझ तले किसान और श्रमिक दब जाएंगे.
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जिस तरह से झारखंड सरकार ने श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी है, उसी तरह से केंद्र सरकार देशभर के सभी प्रवासी कामगार और बेरोजगार हो चुके लोगों को डीबीटी के माध्यम से सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये.
महिलाओं के लिए एक रुपये की टोकन राशि पर जमीन और संपत्ति की छूट को वापस लेने के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में डाॅ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि संकट की घड़ी में कुछ कड़े फैसले लेने पड़ते है, स्थिति से निपटने के लिए सरकार को अधिक से अधिक संसाधन की जरूरत है. इस संबंध में केंद्र सरकार से भी लगातार पत्राचार कर विशेष पैकेज की मांग की जा रही है.
इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष ने रामगढ़ में राहत कार्यों की समीक्षा की और स्वास्थ्य जांच व्यवस्था, भोजन व अनाज मुहैय्या कराने तथा क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया. इस मौके पर राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू और जयशंकर पाठक भी उपस्थित थे.

