BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

हेमंत सरकार वर्षगांठ: किसानों का 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ

by bnnbharat.com
December 29, 2020
in समाचार
हेमंत सरकार वर्षगांठ: किसानों का 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ
Share on FacebookShare on Twitter

हेमंत सरकार के एक साल पूरा होने पर राजकीय समारोह

रांची: राज्य सरकार के एक साल पूरा होने के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किसानों का 50हजार रुपये तक कर्ज माफी के लिए झारखंड कृषि ऋण माफी योजना की शुरुआत की. इस मौके पर कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह, सांसद शिबू सोरेन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव, कृषि मंत्री बादल और श्रममंत्री सत्यानंद भोक्ता समेत अन्य अतिथि उपस्थित थे.

राजकीय समारोह में मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने सबसे पहले स्वागत भाषण दिया, जिसके बाद कृषि ऋण माफी योजना की शुरुआत हुई. इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास और ऊर्जा विभाग में हुई नियुक्ति के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया. कार्यक्रम के दौरान 2000.75करोड़ रुपये की 11 योजनाओं का ऑनलाइन उद्घाटन किया गया. जबकि झारखंड के कॉफी टेबल बुक झारखंड 20 का विमोचन, विदेशों में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत, झारखंड खेल नीति 2020 और सीएसआर नीति का अनावरण किया गया. कार्यक्रम में 11.62लाभुकों के बीच 3965.64 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत परिसपंत्तियों का वितरण, खिलाड़ी कल्याण कोष योजना के अंतर्गत खिलाड़ियों के बीच प्रोत्साहन राशि का वितरण और विभिन्न विभागों की 19 योजनां का उद्घाटन किया गया.

समारोह में पहुंचने के पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन जाकर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें एक साल के कार्यकाल का ब्यौरा दिया गया. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री राजभवन से निकलने के बाद हेमंत सोरेन राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ पर बिरसा चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.इसके बाद मुख्यमंत्री के मोरहाबादी मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे. तालियों की गड़गड़ाहट से लोगों ने किया मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया.  

समारोह स्थल पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम, सुबह 9 बजे से ही लगने लगी भीड़

राज्य सरकार के प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आज सुबह 9 बजे से ही बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज होने लगी है. मोरहाबादी मैदान पहुंचने वाले सभी आगंतुकों और लाभुकों को जिला प्रशासन की टीम द्वारा एक-एक कर कतारबद्ध तरीके से कुर्सियों पर बैठाया जा रहा था. प्रशासन द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जा रहा है. अतिथियों के मनोरंजन के लिए मुख्य मंच के बांयी ओर लोक गीत-संगीत और नृत्य का भी आयोजन किया जा रहा है. राज्य सरकार के पहली वर्षगांठ के मौके पर शहर के तमाम जगहों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. मोरहाबादी मैदान के चारों हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के मद्देनजर पुलिस बलों की तैनाती की गई है.

अबुआ राज का एक साल, शुरुआत अनेक नामक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, उनमें 79करोड़ की लागत से पूरी होने वाली ग्रिड सब स्टेशन बहरागोड़ा, धालभूमगढ़-बहरागोड़ा संचरन लाइन, 107.99करोड़ की इरबा , सिकिदरी ग्रिड सब स्टेशन, 58.80करोड़ रुपये की नारायणपुर ग्रिड सब स्टेशन शामिल है. इसके अलावा राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को 1000 रुपये सीधे बैंक खाते में जमा करने की योजना की शुरुआत हुई. इस पर सालाना 885 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

समारोह में एनडीडीबी द्वारा झारखंड मिल्क फेडरेशन का प्रबंधन अगले पांच साल तक विस्तारित किये जाने को लेकर एमओयू हुआ. इसके तहत आगामी 5 वर्षां में राज्य के 20 जिलों के 4 हजार गांवों में 40 हजार दुग्ध उत्पादकों को जोड़कर 2.50लाख लीटर प्रतिदिन संग्रहित तरने का लक्ष्य है. साथ ही पलामू, देवघर और साहेबगंज में 50 हजार लीटर क्षमता वाले नये डेयरी प्लांट के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है.

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के संचालन के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 3 अरब 55 करोड़ रुपये की परियोजना लागत राशि के विरूद्ध 1अरब 54 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी. इसके तहत पशुपालन प्रक्षेत्र के बकरा, सूकर, कुक्कुट पालन, बत्तख चूजा वितरण के तहत 45 हजार से अधिक लाभुकों को योजना का लाभ मिलेगा. साथ ही गव्य प्रक्षेत्र में दो दुधारू गाय का वितरण, कामधेनु डेयरी फार्मिंग, हस्त एवं विद्युत चालित चैफ कटर तथा प्रगतिशील डेयरी कृषकों की सहायता और तकनीकी इनपुट सामग्रियों का वितरण किया गया. वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 9 हजार 250 लाभुकों को दुधारू गाय वितरण की योजना का लाभ दिया गया.

झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड की विभिन्न निर्माण योजनाओं का ऑनलाइन शिलान्यास किया गया, जिसमें 12 करोड़ की लागत से न्यू फार्मेसी इंस्टीट्यूट चाईबासा, 10करोड़ से सीएससी कामडारा, 10.91करोड़ की लागत से सीएचसी पालकोट, सीएचसी बरवाडीह लातेहार, 25.57 करोड़ राजकीय पॉलिटेक्निक खूंटी, 25.57 करोड़ की लागत से राजकीय पॉलिटेक्निक चतरा, इतनी ही लागत पर जामताड़ा, गोड्डा, गिरिडीह, हजारीबाग और बीआईटी सिंदरी में 78.66 करोड़ की लागत से 10 नवनिर्मित भवन का काम पूरा किया जाएगा.

इसके अलावा 30.22करोड़ की लागत से तैयार हजारीबाग समाहरणालय और 82.54 से अंचलअधिकारी सह विकास पदाधिकारी का कार्यालय व 24 आवास निर्माण का कार्य पूरा किया गया.

नगर विकास विभाग की योजना में प्रधामंत्री आवास योजना के तहत एक लाख आवास का निर्माण पूरा कराया गया और इनपर 15065 करोड़ खर्च हुआ.17.16 करोड़ की लागत से चाकुलिया शहरी जलापूर्ति, 53.57 करोड़ की लागत से गिरिडीह शहरी जलापूर्ति योजना और 49.99 करोड़ की लागत से बने रांची नगर निगम का निर्माण पूरा किया गया.

इसके अलावा झारखंड अरबन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट का निर्माण 114.88 करोड़ की लागत से पूरा हुआ. एचईसी धुर्वा स्थित नेहरू पार्क का सौंदर्यीकरण 3.38 करोड़ की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 7500 परिवारों का गृह प्रवेश कराया गया, जिसमें 57.27करोड़ की खर्च आयी. इसके अलावा प्रधानमंत्री शहरी पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि के तहत 2300 लाभुकों के बीच 23 करोड़ का वितरण किया गया.

पथ निर्माण विभाग में गढ़वा-शाहपुर पथ का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण कार्य 53.76करोड़ रुपये खर्च हुआ और मरिचा-रनिया पथ 75.97करोड़ की लागत से पूरा किया गया.

विभिन्न ग्रामीण जलापूर्ति योजना को मिली मंजूरी

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तहत विभिन्न ग्रामीण जलापूर्ति योजना को मंजूरी दी गयी, जिसमें-

  • 24.97करोड़ की लागत की लेस्लीगंज ग्रामीण जलापूर्ति योजना
  • 30.11करोड़ की किशुनपुर ग्रामीण जलापूर्ति
  • 7.96करोड़ की प्रतापपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना
  • 17.43करोड़ की डंडा एवं समीपवर्ती गांवों में ग्रामीण जलापूर्ति योजना
  • 12.86करोड़ की बोलवा व समीपवर्ती गांवों में ग्रामीण जलापूर्ति
  • 21.94 करोड़ की मयूरहंड प्रखंड के आसन्न गांवों में जलापूर्ति योजना
  • 9.81करोड़ की लागत से पूरी होने वाली 9.31करोड़
  • 16.52करोड़ की तिलोकरी ग्रामीण पाईप जलापूर्ति
  • 8.43करोड़ से थाम ग्रामीण पाईप जलापूर्ति
  • 7.05करोड़ की लागत से नाला जलापूर्ति
  • 12.82करोड़ की लागत से जशपुर ग्रामीण जलापूर्ति
  • 12.52करोड़ की लागत से मोहनी जलापूर्ति
  • 8.30करोड़ की लागत से छोटानागरा जलापूर्ति योजना
  • 6.29करोड़ की  सेरेंगबिल जलापूर्ति योजना
  • 15.34करोड़ की लागत से मंझगांव जलापूर्ति
  • 5.42 करोड़ की लागत से जलधर ग्रामीण जलापूर्ति योजना
  • 8.98 करोड़ की लागत से तुईबीर योजना
  • 9.85 करोड़ की कुरसी जलापूर्ति
  • 5.68करोड़ की लागत से अंगवाली जलापूर्ति योजना
  • 6.78 करोड़ की चांपी जलापूर्ति
  • 6.38करोड़ की लागत झिरकी जलापूर्ति
  • 5.64करोड़ की लागत से कथारा ग्रामीण जलापूर्ति
  • 5.95करोड़ की दहियारी जलापूर्ति
  • 5.96 करोड़ की चंदौरी
  • 8.41करोड़ की ताराटांड़
  • 6.37करोड़ की लुप्पी जलापूर्ति
  • 10.52करोड़ लागत की कुरहोविन्दो जलापूर्ति
  • 14.61करोड़ की चानो-कपिलो जलापूर्ति
  • 12.14करोड़ की लेदा जलापूर्ति
  • 23.39करोड़ की कुज्ज्जू जलापूर्ति
  • 5.63करोड़ की लइयो
  • 16.15करोड़ की बोरोबिन-बड़कीपोना जलापूर्ति
  • 3.45करोड़ की कटिया जलापूर्ति
  • 10.54करोड़ की केरेडारी जलापूर्ति
  • 9.11करोड़ की पिठौरिया जलापूर्ति
  • 4.34करोड़ की लागत से हाहप जलापूर्ति
  • 88लाख की लागत से सुकुरहुटू जलापूर्ति
  • 12.64करोड़ की लागत से निमिया जलापूर्ति
  • 3.06करोड़ की लागत से टूईया जलापूर्ति
  • 13.10करोड़ की कुकड़ू जलापूर्ति
  • 4.17करोड़ की नावागढ़ जलापूर्ति
  • 10.51करोड़ की कोचेडेगा
  • 15.09करोड़ की कासीदा जलापूर्ति
  • 5.59करोड़ की बुंडू जलापूर्ति
  • 18.55करोड़ की हेसालौंग-टोंगी जलापूर्ति
  • 6.72करोड़ की नयाटांड़ जलापूर्ति और  12.73करोड़ रुपये की लागत की बूढ़ा महादेव मंदिर और ग्रामीण पाईप जलापूर्ति योजना शामिल है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

राजभवन घेरने निकले किसान, हुआ लाठीचार्ज

Next Post

मुंबई में नए साल के जश्न के लिए गाइडलाइंस जारी

Next Post
मुंबई में नए साल के जश्न के लिए गाइडलाइंस जारी

मुंबई में नए साल के जश्न के लिए गाइडलाइंस जारी

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d