नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 74वां दिन है. किसान नेताओं का कहना है कि उन्हें कानून वापसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है. किसान संगठनों का कहना है कि नए कृषि कानूनों को एक से डेढ़ साल तक के लिए निलंबित रखने का सरकार का मौजूदा प्रस्ताव उन्हें स्वीकार नहीं है.
आज हरियाणा के चरखी दादरी किसान महापंचायत करने वाले हैं. इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल होंगे. महापंचायत में शामिल होने से पहले शनिवार को किसान क्रांति 2021 का ऐलान किया. राकेश टिकैत ने कहा है कि हमने सरकार को 2 अक्तूबर तक का समय दिया है. इसके बाद हम आगे की रणनीति पर करेंगे. हम दबाव में सरकार के साथ चर्चा नहीं करेंगे.

