झारखंड कैबिनेट ने किसानों की कर्जमाफी के लिए 2000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी
रांची:- किसान दिवस पर झारखंड सरकार ने बुधवार को किसानों के लिए तीन बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी. राज्य सरकार ने सूबे के किसानों की कर्जमाफी के लिए 2000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी . इसके तहत किसानों का 50 हजार रुपये तक कर्ज माफ होगा . जबकि मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत 355 करोड़ और झारखंड राज्य फसल राहत कोष के लिए 100 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी.
राज्य मंत्रिमंडल की आज रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में हुई बैठक में 63 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गयी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्रिमंडलीय सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के किर्यान्वयन के लिए 2000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. इसका लाभ राज्य के उनसभी रैयतों को मिलेगा, जिन्होंने 31 मार्च 2020 तक फसल अल्पावधि के तहत ऋण लिया है. डीबीटी के माध्यम से योजना का किर्यान्वयन किया जाएगा और एक परिवार में एक व्यक्ति को ही इस योजना का लाभ मिलेगा. जबकि आवेदक को एक रुपया का सेवा शुल्क देना होगा.
किसानों एक अन्य बड़ी योजना को मंजूरी दी गयी. कैबिनेट सचिव ने बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए झारखंड राज्य फसल राहत योजना के लिए 100 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. उन्होंने बताया कि अभी तक फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल नुकसान होने पर मुआवजा दिया जाता था, लेकिन इसमें यह देखा गया कि जितनी राशि बीमा कंपनियों को दी गयी, उससे काफी कम राशि किसानों को क्षतिपूर्ति के रूप में मिला. कैबिनेट सचिव ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रीमियम के रूप में बीमा कंपनियों को 153 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि इस वर्ष किसानों को क्षतिपूर्ति राशि सिर्फ 29 करोड़ रुपये मिलें, इसी तरह से वर्ष 2017में 114 करोड़ रुपये प्रीमियम का भुगतान किया गया और किसानों को सिर्फ 36 करोड़ की क्षतिपूर्ति राशि मिली, जबकि वर्ष 2018 में 225 करोड़ रुपये का भुगतान किया और किसानों को सिर्फ 13 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया.
किसान दिवस पर किसानों के लिए एक अन्य बड़ी योजना को मंजूरी प्रदान की गयी. इसके तहत मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत 355 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है. योजना के माध्यम से किसानों को पशुधन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा. बैठक में राज्य के 12 लाख परिवारों के आय में बढ़ोत्तरी को लेकर लाह उत्पादन वृद्धि योजना को मंजूरी दी गयी.

