ग्वालियर: मंगलवार को टिड्डी दल सायं 4 बजे तक आर्मी केंट मुरार, केदारपुर, पुरासानी, दौरार होते हुए मोहना से जंगल क्षेत्रों में जाने की सूचना मिली थी. जबकि एक छोटा टिड्डी दल ग्राम किठोंदा, गड़ाजर होते हुए सिंध नदी के किनारे जाने की सूचना प्राप्त हुई है. टिड्डी दल के मूवमेंट पर प्रशासन पूर्ण निगरानी रखे हुए है. टिड्डी दलों से निपटने हेतु जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पूर्ण तैयारी कर रखी हैं. फायरब्रिगेड, ट्रेक्टर चलित पावर स्प्रे एवं कीटनाशक दवाईयों की व्यवस्था के साथ निगरानी भी की जा रही है और कृषकों को जागरूक कर सचेत किया गया है. किसानों के सहयोग से भी सोमवार को जिले के ठाठीपुर मेला ग्राउण्ड, दीनदयालनगर से होते हुए टिड्डी दल रायरू क्षेत्र से मुरैना की ओर चला गया था.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक डॉ. आनंद बड़ोनिया ने बताया कि किसान भाई जिले में टिड्डी दल के प्रकोप से बचाव के लिये रासायनिक नियंत्रण हेतु कीटनाशी दवायें, क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी मात्रा 1200 मिली. 500 लीटर पानी का घोल, क्लोरोपायरीफॉस 50 प्रतिशत ईसी मात्रा 500 मिली. 500 लीटर पानी में, लेमडासायलोथ्रिन 5 प्रतिशत ईसी मात्रा 400 मिली. 500 लीटर पानी में, मेलाथियोन 50 प्रतिशत ईसी मात्रा 1800 मिली. 500 लीटर पानी में एवं डेल्टामेथ्रिन 2.8 प्रतिशत मात्रा 500 मिली. 500 लीटर पानी का घोल बनाकर टिड्डी दल पर छिड़काव कर नियंत्रण पाया जा सकता है.
इसी प्रकार टिड्डी दल को भगाने के लिये ढोल, डीजे, थाली बजाना भी प्रभावी है. संभावित टिड्डी दल के प्रकोप को देखते हुए जिले में जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल का गठन किया है, जिसमें कृषि, उद्यानिकी, राजस्व, वन विभाग के अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिकों को शामिल किया गया है. जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर एल एस यादव सहायक संचालक कृषि को टिड्डी दल के नियंत्रण हेतु नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है. किसान भाई मोबाइल नम्बर 9425467000 एवं कार्यालयीन दूरभाष क्रमांक 0751-2467920 पर टिड्डी दल की रोकथाम के उपाय के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा टिड्डी दल आक्रमण की सूचना प्रदान कर सकते हैं.

