BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

गुजरात में किसान करेंगे आंदोलन, जरूरत पड़ी तो बैरिकेड्स भी तोड़ेंगे: राकेश टिकैत

by bnnbharat.com
April 5, 2021
in समाचार
26 जनवरी को किसान करेंगे एक बड़ी ट्रैक्‍टर रैली
Share on FacebookShare on Twitter

गुजरात: केंद्र सरकार के तीनों नए कृषि कानूनों के विरोध में महीनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन अब भी जारी है. हालांकि, अब किसान नेता विभिन्न राज्यों का दौरा करके आंदोलन को विस्तार दे रहे हैं.

इस बीच, भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने गुजरात में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ेगी तो किसान बैरिकेड्स को भी तोड़ देगा.

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, ”ट्रैक्टरों की मदद से किसान गुजरात में आंदोलन करेंगे. गांधीनगर का घेराव करने और सड़कों को ब्लॉक करने का समय अब आ गया है. अगर जरूरत पड़ती है तो हम बैरिकेड्स को भी तोड़ देंगे.”  

इससे पहले टिकैत ने इन दावों को खारिज किया था कि किसान दिल्ली की सीमा पर स्थित प्रदर्शन स्थल छोड़कर चले गए हैं. टिकैत ने कहा कि किसान खेतों में काम करने के लिए गए हैं और जब केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल चुनाव से मुक्त हो जाएगी तो वे लौट आएंगे.

केंद्र के कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं. इन किसानों में मुख्य तौर पर पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान हैं. प्रदर्शनकारी किसान अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी के साथ ही तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

टिकैत आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने के वास्ते गुजरात पहुंचे हैं और उन्होंने राज्य का अपना दो दिवसीय दौरा रविवार को बनासकांठा जिले में मां अंबाजी मंदिर में मत्था टेकने के साथ शुरू किया. टिकैत ने इसके बाद अंबाजी और पालनपुर में समूहों को संबोधित किया.

उन्होंने एक सभा में कहा कि कानून व्यापारियों की मदद करने के लिए बनाए गए हैं, किसानों की मदद करने के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि किसानों ने विरोध स्थलों से तब तक नहीं हटने का फैसला किया है जब तब उनकी जीत नहीं हो जाती और यह तब होगी जब उनकी सभी मांगों को स्वीकार कर लिया जाएगा.

उन्होंने कहा, ”वे सभी खबरें गलत हैं कि किसानों ने आंदोलन स्थलों को छोड़ दिया है. किसान आते हैं और चले जाते हैं. वर्तमान में, वे अपने खेतों में काम करने गए हैं. हमने उनसे कहा है कि सरकार के (पश्चिम) बंगाल चुनाव से मुक्त होने के बाद वे वापस आ जाएं. पूरी सरकार बंगाल में डेरा डाले हुए है. एक बार सरकार वापस आ जाएगी, तो हम उसके साथ बातचीत शुरू करेंगे.”

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

अंगूरी भाभी हुईं कोरोना पॉजिटिव

Next Post

हम पढ़ेंगे, हम बढ़ेंगे, बच्चों की शिक्षा अनवरत जारी रखेंगे

Next Post
हम पढ़ेंगे, हम बढ़ेंगे, बच्चों की शिक्षा अनवरत जारी रखेंगे

हम पढ़ेंगे, हम बढ़ेंगे, बच्चों की शिक्षा अनवरत जारी रखेंगे

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d