दिल्ली: मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) केवी सुब्रमणियम ने शुक्रवार को कहा कि अर्थव्यवस्था का जिस तेजी से पुनरूद्धार हो रहा है उससे लगता है कि चालू वित्त वर्ष में इसका प्रदर्शन अब तक के अनुमानों से बेहतर रहेगा. दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था में संकुचन अनुमान के विपरीत कम रहने के बीच उन्होंने यह बात कही.
सुब्रमणियम ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक समेत विभिन्न संस्थानों ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) को लेकर जो अनुमान जताया है, अंतिम आंकड़ा उससे बेहतर होना चाहिए. केंद्रीय बैंक ने 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया है. वैश्विक महामारी के संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर रहा है.
ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से जीडीपी में दूसरी तिमाही में केवल 7.5 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि इससे बड़े संकुचन का अनुमान लगाया जा रहा था. एक साल पहले इसी तिमाही में इसमें 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. आने वाले समय में बेहतर उपभोक्ता मांग से इसमें और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
कोरोना वायरस महामारी फैलने से रोकने के लिए लागू सख्त सार्वजनिक पाबंदियों के बीच चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही अप्रैल-जून में अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी. कई विश्लेषकों के अनुमान से तुलना करते हुए सुब्रमणियम ने कहा कि दूसरी तिमाही के आंकड़े काफी उत्साहजनक हैं.
आंकडों (पीएमआई, बिजली खपत, माला ढुलाई आदि) से यह संकेत मिल रहा था. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में पुनरूद्धार का टिकाऊ होना महामारी के फैलने पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले में पहली तेजी सितंबर में अपने चरम पर पहुंची और उसके बाद यह कुछ कम हुई है लेकिन जाड़े के महीनों में सतर्कता बरतने की जरूरत है.

