रांची: किसान संगठनों के आह्वान पर उनके आंदोलन के समर्थन मे ट्रेड यूनियनों और छात्र – युवा व महिला संगठनों ने भी आज एक समय दोपहर का भोजन (लंच) नहीं लेकर यानि उपवास रख कर अन्न दाताओं के आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त की.
रांची शहर मे इस आह्वान पर सीटू से जुड़े युनियन सदस्यों के परिवारों के लोगों ने भी स्वेच्छा से आज अपनी रसोई घर (किचन) को बंद रखकर अन्न दाताओं के आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त की. कार्यक्रम के अगले चरण मैं 27 दिसंबर को पूर्वाह्न 11 बजे जब प्रधानमंत्री मन की बात करेंगे उस समय गांवों, बस्तियों, मजदूरों के कालोनियों और घरों में टीन, कनस्तर और थाली बजा कर उनकी बात अनसुनी किए जाने का अभियान चलाया जायेगा.
इसके अलावा एक लिखित पत्र भाजपा के सहयोगी दलों विशेष कर आजसू के पदाधिकारियों, मंत्री, विधानसभा सदस्य को दिया जायेगा, जिसमें किसान विरोधी तीन कानून रद्द करने, बिजली (संशोधन) बिल वापस लेने और मजदूरों को गुलाम बनाने वाले 4 श्रम कोड(संहिता) को खत्म किए जाने की मांग शामिल है.
आज के कार्यक्रम मे प्रकाश विप्लव, प्रफुल्ल लिंडा, विरेन्द्र कुमार, अनिर्वान बोस, एमएल सिंह,कनक चौधरी, बीणा लिंडा, विजय वर्मा, सुमंत कुमार साहू और शंकर उरांव समेत दर्ज़नों लोगों ने भागीदारी की.

