नीता शेखर,
रांची: संकट की इस घड़ी में देश वासियों ने एकजुटता की मिसाल कायम कर दी है. भयंकर प्रकोप का सामना सभी मिलकर कर रहे हैं. एक दूसरे के सुख-दुख के सहभागी बनने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे. गंजा-जमुनी तहबीज का बेहतर नजारा विश्व में और कहीं नहीं दिख सकता.
आज राजनीतिक दल भी एक ही भाषा बोल रहे हैं वह भाषा है एकजुटता. कहीं किसी ओछी राजनीति की बू तक नहीं. आज यह देखकर बहुत ही अच्छा लगा कि देश भारी संकट से गुजर रहा है और सभी पार्टियां एक साथ मिलकर देश को बचाने में लगे हुए हैं.
जब सभी शक्तियां साथ तो जीत लेंगे बाजी
वैसे भी अभी माता का नवरात्रा चल रहा है. रामनवमी भी है. साथ ही साथ चैती छठ भी. जब इतनी सारी शक्तियां हमारे साथ हो तब हम फिक्र क्यों करें. माता में इतनी शक्ति है कि वह अपने भक्तों का सब दुख हर लेती हैं. हर ले जाएंगे तब हम क्यों फिक्र करें. हां हमें केवल इतना करना है कि बस कुछ सावधानियां बरतनी है. सब को लेकर इस करुणा को भगाने के लिए अपने आप को घर में कैद करना होगा.
अभी समय भी कितना अच्छा है. मां की उपासना पूजा पाठ में समय बीत सकता है. अपने परिवार के साथ मिलकर बच्चों को हमारे धर्म और संस्कृति का पाठ पढ़ा सकते हैं जो धीरे-धीरे लुप्त हो रहा था. बच्चे भी अपने धर्म और संस्कृति के बारे में जानकर अपने देश के लिए गौरव महसूस करेंगे. यह उन सभी धर्मों के लिए भी होगा जो अपने बच्चों को अपनी धर्म और संस्कृति के बारे में बता सकते हैं.
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किसी भी कोर्स को करने के लिए 21 दिन बहुत होता है. इस 21 दिन में करो ना तो क्या करूं ना का भूत भी भाग जाएगा. बस हमें जरूरत है संयम रखने कि और हमारे प्रधानमंत्री की बातों का ध्यान रखने की. मुझे नहीं लगता हमारे देश के लोग इतने कमजोर होंगे. बस वक्त है साथ रहने का साथ चलने का. सोचिए अगर आप इस वक्त घर में रहते हैं तो मां की उपासना के साथ-साथ अपने घरों को भी सुरक्षित रख सकते हैं. बस इतना सोचिए कि आज आप तपस्या कर रहे हैं और 21 दिन बाद इसका फल मिलना ही मिलना है.
मेरी सब से गुजारिश है कि आप इतनी सी विनती जरूर सुनेंगे और नियमों का पालन करेंगे. इस कोरोना नामक वायरस को भगाने में जरूर साथ देंगे.


