उत्तराखंड: उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग भयंकर रुप धारण कर चुकी है. इसमें झुलसकर अबतक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. कई पशु-पक्षी भी इसके शिकार बन गये हैं.
आज से चार जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिनमें नैनीताल, अल्मोड़ा, टिहरी और पौड़ी में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है. वन विभाग ने प्रदेश में 40 स्थानों में एक्टिव फायर की बात स्वीकार की है. आग बुझाने में 12 हजार वनकर्मी जुटे हुए हैं, जबकि 1300 फायर क्रू स्टेशन बनाये गए हैं.
वन विभाग के मुताबिक इस आग से 1292 हेक्टेयर जंगल खाक हो चुका है और 38 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है. राज्य के 13 में से 4 जिलों में इस आग से भीषण नुकसान हुआ है. भीषण आग को देखते हुए सीएम तीरथ रावत ने गृह मंत्री अमित शाह को हालात से अवगत कराया और गढ़वाल व कुमायूँ के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया.
इसके अलावा NDRF व अन्य सपोर्ट सिस्टम की भी मांग की. इसके अलावा सीएम तीरथ रावत ने रविवार को इस मुद्दे पर जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है.
नैनीताल के जंगलों में खुर्पाताल के पास जंगल की आग भीषण होती जा रही है. बताया जा रहा है कि आग अब आबादी की तरफ बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीण घबरा गयेए हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं. शनिवार को आग की वजह से नैनीताल जिला और मंडल मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों बिजली सप्लाई भी बाधित रही.
बता दें कि गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल में आग की कई घटनाएं सामने आई हैं. जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है और हवाएं चल रही हैं, आग विकराल रूप धारण कर रही है. भवाली-अल्मोड़ा हाईवे से लगी पहाड़ी में आग लगने से सड़क पर आग से चटककर टूटे पत्थर गिरने की खबर है. इससे कुछ वाहनों के शीशे भी टूटे हैं. वहीं गढ़वाल मंडल के कीर्तिनगर में पिछले चार दिन से जंगल जल रहे हैं, जिस कारण मार्ग पर आवाजाही बाधित है.

