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आखिरकार दो साल के लंबे इंतजार के बाद मुंगेर विश्वविद्यालय को अपना लोगो और सील मिला

राजभवन ने दी स्वीकृति

by bnnbharat.com
June 2, 2020
in Uncategorized
आखिरकार दो साल के लंबे इंतजार के बाद मुंगेर विश्वविद्यालय को अपना लोगो और सील मिला

If the number of patients increases, the responsibility is left to the state governments: Congress

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मुंगेर : मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित सील और लोगों को राजभवन द्वारा स्वीकृत कर दिया गया है. इसके बाद अब मुंगेर विश्वविद्यालय इस लोगों तथा सील को अपने प्रतीक चिन्ह के रूप में इस्तेमाल कर पाएगा. इस विषय में जानकारी मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रणजीत कुमार वर्मा ने दी. कुलपति ने बताया कि मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर देश के विभिन्न हिस्सों के प्रतिभागियों से एमयू के लोगो, सील, मोनोग्राम और फ्लैग का मॉडल डिजाइन मांगा गया था. जिसमें एमयू को देश के विभिन्न हिस्सों से कई डिजाइन प्राप्त हुआ. वहीं इन लोगो, सील, मोनोग्राम और फ्लैग का मॉडल डिजाइन में से बेहतर डिजाइन का चयन विश्वविद्यालय द्वारा गठित विशेष कमिटी द्वारा किया गया. जिसके बाद 14 जनवरी को हुए विश्वविद्यालय सीनेट सदस्यों की दूसरी बैठक में इन डिजाइनों को पारित कर स्वीकृति के लिए राजभवन भेजा गया था. जिसे राजभवन द्वारा स्वीकृत कर दिया गया है. जिसमें पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के राहुल कुमार साव के सील डिजाइन और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र प्रदीप विश्वकर्मा के लोगो डिजाइन को स्वीकृत किया गया है. वहीं विश्वविद्यालय द्वारा दोनों चयनित प्रतिभागियों के डिजाइनों को विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा जबकि इस डिजाइन में किसी भी फेरबदल करने का पूरा अधिकार विश्वविद्यालय के पास होगा. स्वीकृति के बाद इस डिजाइन पर प्रतिभागी का कोई अधिकार नहीं होगा. हालांकि प्रतियोगिता नियमों के आधार पर विश्वविद्यालय द्वारा दोनो चयनित प्रतिभागियों को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.

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