रांची: राज्य के वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा में बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस-झामुमो गठबंधन की ओर से जो चुनाव घोषणा पत्र में जो वायदे किए गए थे, उसे पूरा उतारने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार का यह पहला बजट है, आने वाले पांच साल में उनसभी वायदे को पूरा करने की कोशिश की जाएगी, जिसका वायदा गठबंधन की ओर से किया गया था.
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 86,370 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट का आकलन है, जिसमें राजस्व व्यय 73,315.94 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत व्यय 13,054.06 करोड़ रुपये का है. वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्थापना व्यय में 37,445.06 करोड़ रुपये, राज्य स्कीम (राज्यांश सहित) में 34,485.72 करोड़ रुपये, केन्द्रीय सेक्टर स्कीम में 3,315.27 करोड़ रुपये तथा केन्द्र प्रायोजित स्कीम (केन्द्रांश) में 11,123.95 करोड़ रुपये यानि कुल 86,370 करोड़ रुपये की आय-व्ययक विवरणी तैयार की गई है.
बजट में प्रावधानित सकल राशि को यदि प्रक्षेत्र के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 25,047.43 करोड़ रुपये, सामाजिक प्रक्षेत्र के लिए 32,167.58 करोड़ रुपये तथा आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 29,154.99 करोड़ रुपये उपबंधित किेए गए हैं. वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य को अपने कर राजस्व से करीब 21,669.50 करोड़ रुपये तथा गैर कर राजस्व से 11,820.34 करोड़ रुपये, केन्द्रीय सहायता से 15,839 करोड़ रुपये, केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 25,979.91 करोड़ रुपये, लोक ऋण से करीब 11,000 करोड़ रुपये एवं उधार तथा अग्रिम की वसूली से करीब 61.25 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे.
उन्होंने बताया कि वत्तीय वर्ष 2014-15 में विकास दर 12.5% थी तथा वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2018-19 की अवधि में राज्य की औसत वार्षिक विकास दर करीब 5.7% रही. वर्त्तमान वर्ष में यह 7.2% रहने का अनुमान है. प्रति व्यक्ति आय स्थिर मूल्य पर चालू वित्तीय वर्ष में 65,802 रुपये अनुमानित है, जो गत वर्ष 62,345 रुपये थी, जो 5.5% का विकास दर परिलक्षित करती है. वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्थिर मूल्य पर लक्ष्य विकास दर 8% तक प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है.
रामेश्वर उरांव ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रारंभ होने वाली कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा सभी को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की जाएगी. इसके तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार द्वारा राज्य की आम जनता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के क्रम में राज्य के सभी बी.पी.एल परिवारों के अतिरिक्त अन्य ए.पी.एल परिवारों को भी (राज्य एवं केन्द्र सरकार के नियमित कर्मियों को छोड़कर) आयुष्मान भारत योजना के अनुरूप 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा राज्य योजना मद से कराए जाने का प्रस्ताव है.
अतिरिक्त शामिल किए जाने वाले परिवारों के लिए 01 लाख रुपये तक की राशि का वहन बीमा कम्पनी द्वारा किया जाएगा. चिकित्सा में 01 लाख रुपये से अधिक एवं 05 लाख रुपये तक की राशि में से 50 प्रतिशत राशि लाभुक परिवारों द्वारा ईलाज के उपरांत अस्पताल को डिस्चार्ज के पूर्व भुगतान की जाएगी तथा अवशेष 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा अस्पतालों को भुगतान की जाएगी. इस तरह राज्य की 92 प्रतिशत जनसंख्या स्वास्थ्य बीमा से आच्छादित हो जाएगी.
इसके अलावा राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थ योजना के कुल लगभग 57 लाख परिवारों को खाद्यान्न के अतिरिक्त लुंगी, धोती एवं साड़ी अनुदानित दर पर वितरित किए जाने का प्रस्ताव है.
उन्होंने बताया कि सभी सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत् कक्षा-1 से 12 तक के सभी छात्रों को मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत छात्रवृत्ति भुगतान किया जाना प्रस्तावित है. जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वीकृत किए जाने वाले आवासों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अपने कोष से 50,000 रुपये की अतिरिक्त राशि प्रत्येक लाभुक को दिए जाने का प्रस्ताव है. साथ ही लाभुकों को झारखंड की भौगोलिक पृष्ठभूमि को देखते हुए स्थानीय तरीके से घर बनाने की छूट दी जाएगी.
वित्तमंत्री ने बताया कि सरकार के द्वारा 300 यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले परिवारों को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है. एक अन्य महत्वपूर्ण योजना के तहत राज्य सरकार राशन कार्ड से वंचित 50 वर्ष से उपर के 10 लाख लोगों को अतिरिक्त राशन मुहैय्या कराए जाने की योजना वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रारम्भ कर रही है.

