रांची: रांची जिले के मांडर के प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित भगत ने, विद्वेष की भावना से वीडियो बनाकर उसे वायरल करने और सरकार द्वारा पारित आदेश का उल्लंघन करते हुए वीडियो के माध्यम से लोगों में भ्रम पैदा करने की कोशिश को लेकर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा बताया गया है कि इस तरह का कृत्य भादवि की धारा 188 और झारखंड राज्य महामारी रोकथाम अधिनियम 1897 की धारा-2/3/4 के अंतर्गत संज्ञेय अपराध है.साथ ही इसके द्वारा लॉकडाउन का उल्लंघन किया गया है.
थाने में प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा दर्ज शिकायत में बताया गया है कि आज लॉकडाउन से संबंधित वीडियो वायरल हुआ.
जांच के क्रम में वह वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड करने वाले की पहचान ईरशाद इमाम के रूप में की गयी है, जो मांडर थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है.
इस वीडियो में ईरशाद इमाम बता रहा है कि लॉकडाउन के बावजूद पूर्व से केंद्रीय विश्वविद्यय झारखंड के आवासीय परिसर में पर कई राज्यों के लोग जैसे केरल, तमिलनाडु, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग तथा कर्मचारी रह रहे है।वे लोग बाहर निकलकर खरीदारी कर वापस यूनिवर्सिटी परिसर में जाकर छिप जाते है, जिससे गांव में दहशत का माहौल है.
बीडीओ ने इस मामले में केंद्रीय विश्वविद्यालय ब्रांबे जाकर जांच पड़ताल की, जांच के क्रम में पाया गया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 15 परिवार लॉकडाउन की घोषणा होने के पूर्व से ही रह रहे है.
जांच के क्रम में यह भी पता चला कि ईरशाद इमाम उर्फ बाबू का किसी प्रिंट मीडिया अथवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से कोई संबंध नहीं है.

