BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

देश की पहली महिला नेत्रहीन आईएएस अधिकारी प्रांजल पाटिल ने संभाला कार्यभार

by bnnbharat.com
October 15, 2019
in समाचार
देश की पहली महिला नेत्रहीन आईएएस अधिकारी प्रांजल पाटिल ने संभाला कार्यभार
Share on FacebookShare on Twitter

कुछ लोग किस्मत को दोष दे उसके सामने घुटने टेक देते हैं और कुछ अपने लगातार प्रयासों और अटूट विश्वास से अपनी किस्मत लिखते हैं. प्रांजल लेहनसिंह पाटिल जो कि नेत्रहीन हैं उन्हीं में से एक हैं जो किस्मत से लड़ स्वयं अपनी किस्मत बनाते हैं. भारत की पहली नेत्रहीन आईएएस अधिकारी प्रांजल पाटिल ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में उप-जिलाधिकारी का पद संभाला.

आपको बता दें कि मुंबई से सटे उल्हासनगर में रहने वाली 26 साल की प्रांजल पाटिल ने 2016 की UPSC की परीक्षा में 773वां रैंक हासिल किया था. खास बात यह थी कि प्रांजल ने यह कामयाबी अपनी पहली ही कोशिश में हासिल कर ली थी. इसके बाद प्रांजल ने 2017 में एक बार फिर यूपीएससी की परीक्षा दी और इस बार उन्हें 124वीं रैंक मिली.

2016 में 773वीं रैंक आने के बाद प्रांजल को भारतीय रेलवे लेखा सेवा (IRAS) में नौकरी आवंटित की गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेनिंग के समय रेलवे मंत्रालय ने उन्हें नौकरी देने से इनकार कर दिया था. रेलवे मंत्रालय ने प्रांजल की 100 फीसदी नेत्रहीनता को कमी का आधार बनाया था. इसके बाद प्रांजल ने 2017 में फिर से UPSC की परीक्षा दी और 124वीं रैंक हासिल की.

प्रांजल जब सिर्फ छह साल की थी जब उनके एक सहपाठी ने उनकी एक आंख में पेंसिंल मारकर उन्हें घायल कर दिया था. उसके बाद प्रांजल की उस आंख की दृष्टि खराब हो गई थी. उस समय डॉक्टरों ने उनके माता-पिता को बताया था कि हो सकता है कि भविष्य में वे अपनी दूसरी आंख की दृष्टि भी खो दें और दुर्भाग्य से डॉक्टरों की बात सच साबित हुई. कुछ समय बाद प्रांजल की दोनों आंखों की दृष्टि चली गई.

प्रांजल के माता-पिता ने कभी भी उनकी नेत्रहीनता को उनकी शिक्षा के बीच आड़े नहीं आने दिया. माता-पिता ने प्रांजल को अच्छी शिक्षा देने में कोई कमी नहीं की और उन्हें मुंबई के दादर में नेत्रहीनों के लिए श्रीमती कमला मेहता स्कूल में भेजा. प्रांजल ने पढ़ाई में अपनी प्रतिभा का लोहा स्कूल के दिनों में ही मनवा दिया था.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

करवाचौथ पर आपके चांद जैसे चेहरे पर होगी पति की नजर

Next Post

शोक समाचार: कांग्रेस के पूर्व विधायक सावना लकड़ा का निधन

Next Post
शोक समाचार: कांग्रेस के पूर्व विधायक सावना लकड़ा का निधन

शोक समाचार: कांग्रेस के पूर्व विधायक सावना लकड़ा का निधन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d