लॉस एंजेल्स: कोविड-19 वैक्सीन के नैतिक मूल्यों को ले कर राजनीतिज्ञों और वैज्ञानिकों में बहस जारी है. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने भरोसा जताया है कि वह मानव जाति की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं होने देंगे जब तक वैक्सीन कसौटी पर खरी नहीं उतर जाती.
मोडरेना ने 29 वर्षीय इयान हेडन पर सिएटल में जो पहला मनुष्य परीक्षण किया था, उसके परिणाम संतोषजनक आए हैं. हेडन को अगले सप्ताह वैक्सीन का दूसरा डोज दिया जा रहा है.
परिणाम अद्भुत
इस बायोटेक कंपनी मोडरेना का ‘वैक्सीन’ के परिणाम असरदार रही है. पिछले सप्ताह इयान हेडन का जब रक्त लिया गया था, तब नर्स यह जानकर गदगद थी कि परिणाम अद्भुत है. इस रक्त के नमूने को बेठेसडा, मैरीलैंड स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ में परख की जाएगी.
इस रक्त के नमूने में पहली दृष्टि में जो इम्यून दिखाई पड़े हैं, उसे अद्भुत बताया जा रहा है. यह प्रारंभिक संकेत है, जो कोरोना संक्रमण के लिए संजीवनी हो सकता है.
मोडरेना मनुष्य पर दूसरा बड़ा परीक्षण इस वसंत में करेगी. इसके लिए 500-600 वालंटियर पर परीक्षण होंगे. कंपनी के सी ई ओ सेंट फेन बनसेल ने दावा किया है कि दूसरे बड़े परीक्षण के लिए एक महीने पहले तैयारी शुरू कर दी गई थी. कहते हैं, अब इंतजार नहीं किया जा सकता.
बड़ी संख्या में जानवरों पर परीक्षण
एक बड़ी संख्या में जानवरों पर परीक्षण के बाद ही पहले चरण में थोड़े से मनुष्यों पर परीक्षण किया जाता है. एक बार परिणाम सार्थक होते हैं, तभी ज्यादा से ज्यादा लोगों को उपयुक्त मात्रा में डोज दी जाती है. ऐसे में मनुष्यों की सुरक्षा ज्यादा अहम होती है.
इसी बात को ध्यान में रखते हुए दूसरा परीक्षण किया जा रहा है. इसके बाद ही तीसरा चरण शुरू होगा. वस्तुत: तीसरे चरण में हजारों लोगों को वैक्सीन दी जाती है और वर्षों तक उसके प्रभावों को देख कर इंतजार किया जाता है.
जो भी वैक्सीन विकसित की गई, बाजार में आने से पहले सालों साल लगे
विगत में जो भी वैक्सीन विकसित की गई हैं, उसे बाजार में आने से पहले सालों साल लगे हैं. इस बीच कठिनाई यह भी आ रही है कि ग्राहम वैक्सीन रिसर्च सेंटर में वैज्ञानिक कोरोना संक्रमित हो रहे हैं और यही स्थिति अन्य लेबोरेटरी की भी है.

