रांची:- राजधानी रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के रातू रोड स्थित राजभवन के निकट देवकमल अस्पताल की दीवार पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के नाम पर पोस्टरबाजी करने वाले पांच टीएसपीसी नक्सली गिरफ्तार किये गये हैं.
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देवकमल अस्पताल की दीवार पर पोस्टर चिपकाने के मामले में सुनील उरांव, काली चरण, देवानंद मुंडा, रोशन मुंडा, राहुल मुंडा को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके पास से बोलेरो, बाइक और पोस्टर बरामद किया है. ये सभी टीएसपीसी के लिए काम करते थे.
एसएसपी ने बताया कि शहर में पोस्टर चिपकाने के मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी सौरभ के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी शाखा के सहयोग के आधार पर मामले में शामिल पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में यह बात प्रकाश में आई थी गिरफ्तार लोगों ने मोटरसाइकिल और बोलेरो से घूम-घूम कर गोंदा, पिठौरिया, मांडर, रातू सुखदेव नगर और पंडरा में प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के बैनर पोस्टर को लगाया था. मामले में अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. गिरफ्तार अपराधियों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. इनके स्वीकृति बयान के आधार पर पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कतारिया बाड़ा सुरबाख से काफी संख्या में उग्रवादी बैनर पोस्टर की बरामदगी की गई. गिरफ्तार अपराधी सुनील उरांव पूर्व में टीपीसी के आर्म्स दस्ता का सक्रिय सदस्य रह चुका है. वह जेल भी जा चुका है. जबकि अपराधी कालीचरण मुंडा भी हत्या के कांड में एक वर्ष तक जेल में रह चुका है.
एसएसपी ने बताया कि एरिया कमांडर किशुन जी के निर्देश पर यह काम किया गया है. सुनील और कालीचरण उग्रवादी संगठन से जुड़े हुए हैं . कुछ दिन पहले इन लोगों ने बच्चों को भी काम दिया था. एसएसपी ने बताया की उग्रवादी संगठन ने अपना खोया हुआ वर्चस्व कायम करने के लिए शहर में पोस्टर लगाया था. लेकिन रांची पुलिस ने पोस्टर लगाने वाले लोगों को दबोच लिया है और पूछताछ में और कई जानकारी मिली हैं, जिस पर रांची पुलिस काम कर रही है.
गौरतलब है कि13 दिसंबर को टीएसपीसी की ओर से राजभवन की दीवार से सटे देवकमल अस्पताल की दीवार पर पोस्टर साटा गया था. पोस्टर में टीएसपीसी उग्रवादियो ने पुलिस, प्रशासन, एनआईए के खिलाफ बयानबाजी की थी. पोस्टर में उत्तरी, दक्षिणी छोटानागपुर, जोनल कमेटी लिखा गया था. इतना ही नहीं कोयला कंपनियों से 16 दिसंबर तक कोयले की कटाई और ढुलाई को बंद करने के लिए कहा गया था. अन्यथा उनके खिलाफ फौजी कार्रवाई करने की बात कही गई थी.

