रांची: रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने कहा कि रांची में आक्रमण तरीके से कोरोना जांच किये जा रहे है और हिंदपीढ़ी में कोरोना संक्रमित मामला सामने आने के बाद अब तक कांटेक्ट ट्रैसिंग के तहत 2673 कोरोना जांच किये गये है.
उन्होंने बताया कि रांची में कोरोना के पांच तरह के मामले सामने आये है, स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई है, लेकिन सतर्कता और सामाजिक दूरी का पालन जरूरी है, इसके लिए सभी का सहयोग भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि पहला तो हिंदपीढ़ी में मामला आया, फिर इस क्षेत्र में पदस्थापित एएसआई, एंबुलेंस चालक, सदर अस्पताल की नर्स का मामला सामने आया.
दूसरा मामला बेड़ो में आया, संपर्क में आने वाले सभी लोगों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। इसके अलावा इटकी में भी तीन ऐसे ही मामले सामने आये है, वहीं केवल तीन मामले इससे अलग रहे, जिसमें बुंडू में एक मामला बाहर से आये व्यक्ति में पाया गया, जबकि एक व्यक्ति को अपने पिता का इलाज करने में आया और तीसरा मामला मानसिक असंतुलन को लेकर रिम्स में भर्त्ती कराने के दौरान आया है. इसके अलावा ऐसा कोई भी मामला नहीं है, जिससे यह कहा जाए कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गयी है.
उन्होंने बताया कि रांची के विभिन्न हिस्सों में कोरोना संक्रमित मरीज आने के बाद 15 कंटेनमेंट और माइक्रो कटेंनमेंट बनाये गये है. इसमें से हिंदपीढ़ी को छोड़कर अन्य सभी 14 स्थानों को माइक्रो कंटेनमेंट एरिया के रूप में चिह्नित किया गया है. रांची में अब तक कुल 76 मामले सामने आये है, जिसमें 58 सिर्फ हिंदपीढ़ी से है,बाकि अन्य हिस्सों से है. उन्होंने बताया कि यह मिथ्य है कि हिंदपीढ़ी में सिर्फ एक ही समुदाय के लोग कोरोना संक्रमित हो रहे है, वहीं यह भी मिथ्या है कि रिम्स में मरीजों की संख्या होने के बाद नये मरीजों के इलाज में मुश्किल होगी. रांची के गांधीनगर स्थित सीसीएल अस्पताल को भी कोविड-19 अस्पताल में तब्दील किया गया है, इसके अलावा अन्य आठ अस्पतालों को भी चिह्नित कर सुविधा उपलब्ध कराने की रणनीति बनायी गयी है.
उपायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार होम क्वारंटाइन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है, क्योंकि अभी होटल या अन्य स्थानों पर बनाये गये क्वारंटाइन सेंटर में यह देखा गया कि अलग-अलग कमरे में रहने के बावजूद सामाजिक दूरी की अनिवार्यता का पालन नहीं हो रहा है, जबकि ऐसे मामलों में 100 फीसदी सामाजिक दूरी का पालन करना जरूरी है.
इस मौके पर रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक अनीश गुप्ता ने कहा कि कंटेनमेंट एरिया में किसी को बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं होगी, सभी दुकानें बंद रहेगी, आवश्यक सामानों व दवाओं की आपूर्ति प्रशासन की ओर से गठित टीम द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी और मेडिकल अन्य जरूरी पड़ने पर क्षेत्र में पदस्थापित कमांडर के निर्देश पर ही अनुमति मिलेगी.

