रांचीः खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने प्याज के थोक भाव एवं खुदरा भाव में काफी अंतर होने पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने खुदरा व्यापारियों से प्याज की कीमत थोक भाव के आस-पास रखने की अपील की है. सरकार के द्वारा आम जनता को रांची एवं नासिक के प्याज का थोक भाव और खुदरा भाव की जानकारी भी उपलब्ध करायी जायेगी.
चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ की बैठक
मंगलवार को मंत्री सरयू राय ने प्रोजेक्ट भवन में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, राँची चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज तथा आलू प्याज थोक विक्रेता संघ के साथ बैठक की. बैठक में आलू प्याज थोक विक्रेता संघ द्वारा यह बतलाया गया कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, आंध्रपद्रेश, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में अत्यधिक वर्षा होने के कारण प्याज की फसल की पैदावार ससमय नहीं हो पाई जिस कारण नासिक मंडी के उपर ही प्याज के लिए निर्भर होना पड़ा. इस कारण देश में प्याज की कीमत में वृद्धि हुई है.
झारखंड में प्याज की किल्लत नहीं
आलू प्याज थोक विक्रेता संघ द्वारा यह भी बतलाया गया कि झारखंड में प्याज की कोई किल्लत नहीं है. उच्च गुणवत्ता वाली प्याज रूपये 41 से 45 रुपए प्रति किलोग्राम तथा मध्यम श्रेणी के प्याज की कीमत रूपये 31 से 35 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से थोक भाव में बिक रहे हैं. रांची के पंडरा बाजार समिति में प्याज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. नासिक से प्याज के आवाक में भी कठिनाई नहीं है. उनके द्वारा यह भी सूचना दी गई कि वर्षा समाप्त हो जाने के कारण प्याज की बढ़ी हुई कीमत एक माह के अन्दर सामान्य हो जाने की संभावना है. सभी संघो द्वारा यह जानकारी दी गई कि थोक मंडी में प्याज का होर्डिंग नहीं करता है.

