कहा-राज्य में एक तरफ वन महोत्सव, दूसरी तरफ हो रही पेड़ों की कटाई
विडंबना है कि अब तक मेरे सुझाव पर भी नहीं हुई कार्रवाई
रांची: खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी को पत्र लिखा है। कहा है कि हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में पूरे देश में वन महोत्सव का आयोजन होता है। इसकी शुरूआत 1950 में तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री कन्हैया लाल माणिक लाल मुंशी ने की थी। झारखंड में हर साल की तरह इस साल भी झारखंड में जुलाई के शुरू से ही वन महोत्सव का आयोजन राज्य भर में किया जा रहा है। 22 जुलाई को निर्माणाधीन विधानसभा परिसर में भी इसका आयोजन हो रहा है। जबकि रांची से बहरागोड़ा भाया जमशेदपुर के बीच की सड़क एनएच-33 के दोनों किनारों पर पहले वृक्षों की सघन कतार हुआ करती थी। सड़क को चौड़ा करने के लिए इन्हें काट दिया गया। रांची से जमशेदपुर आने-जाने वालों के लिए वृक्ष विहीन एनएच-33 सूना-सूना सा लगता है।
पौधारोपण का भी दिया था सुझाव
मंत्री ने पत्र में कहा है कि पथ चौड़ीकरण का सीमांकन हो जाने के बाद सड़क किनारे के वृक्षों की कटाई जिस समय शुरू हुई थी उसी समय मैंने सुझाव दिया था कि निर्माणाधीन फोर लेन सड़क के किनारे पुन: वृक्षों की सघन कतार खड़ी की जाए। यह दायित्व वन एवं पर्यावरण विभाग को सौंपा जाए। विडंबना है कि मेरे सुझाव पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उस समय यदि एनएच-33 के किनारे वृक्षारोपण आरंभ हो गया होता तो ये पौधे अबतक काफी बडेÞ हो गये होते।
फिर से दे रहा हूं सुझाव
वन महोत्सव के अवसर पर मैं पुन: यह सुझाव दुहराना चाहता हूं। इस वर्ष आयोजित हो रहे वन महोत्सव कार्यक्रमों के दौरान एनएच-33 के दोनों किनारो पर वृक्षारोपण का कार्य आरंभ कर दिया जाए। रांची से बहरागोड़ा के बीच अवस्थित सभी वन प्रमंडलों को उनके सीमा क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाने और रोपे गये पौधों को बचाने का दायित्व सौंपा जाए। जिन प्रजातियों के वृक्षों की कटाई एनएच-33 चौड़ीकरण के दौरान जिन स्थलों पर हुई है वहां पर उनका रोपण किया जाना श्रेयस्कर होगा।
फूल के पौधे भी लगाएं
मंत्री ने कहा कि पौधों के साथ विविध रंग वाले फूल के पौधों का भी रोपण जगह-जगह पर हो। इनके बड़ा होने और पुष्पित होने पर यात्रियों एवं स्थानीय लोगों के लिए नयनाभिराम नजारा दृष्टिगोचर होगा। ऐसा हुआ तो एनएच-33 का सूनापन दूर हो जायेगा और कुछ साल में सड़क के दोनों किनारे वृक्षों की हरियाली से परिपूर्ण हो जायेंगे। इससे इस सड़क के किनारे के वृक्षों की कटाई से हुए नुकसान की भरपाई भी काफी हद तक हो जायेगी।

