रांची: पूर्व पार्षद (जैक) अधिकार मंच की संयोजक रानी कुमारी ने पूर्व जैक (झारखंड क्षेत्र स्वायत्तशासी परिषद) पार्षदों को भी पूर्व विधायकों की भांति पेंशन व अन्य सुविधाएं देने की मांग की है.
उन्होंने इस संबंध में पूर्व में राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपते हुए इस दिशा में यथोचित कदम उठाने का अनुरोध किया था. रानी कुमारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित करने का निर्णय सराहनीय है.
उन्होंने कहा कि झारखंड के नवनिर्माण और अलग राज्य गठन में पूर्व जैक पार्षदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. अलग राज्य गठन की मांग करने में तत्कालीन लगभग सभी जैक पार्षदों ने सक्रिय भूमिका निभाई. लिहाजा जैक पार्षदों को भी झारखंड आंदोलनकारी का सम्मान दिया जाना चाहिए.
रानी कुमारी ने कहा कि फिलवक्त जैक पार्षदों की संख्या लगभग 20-25 रह गई है. कुछ जैक पार्षद विधायक व सांसद बन गए, जिन्हें विधिसम्मत सुविधाएं उपलब्ध हैं. वहीं, कुछ का देहावसान हो गया. कई जैक पार्षद ऐसे हैं , जिन्हें सरकार द्वारा कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई जाती है. पूर्व जैक पार्षद वर्षों से उपेक्षित हैं.
रानी कुमारी ने मुख्यमंत्री से पूर्व जैक पार्षदों को भी झारखंड आंदोलनकारी का सम्मान देने की मांग की है.

