रांची: ईडी मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का को 7 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई गई. साथ ही उस पर 2 करोड़ रूपया जुर्माना भी लगाया गया. मनी लाउंड्रिंग मामले में ईडी की विशेष न्यायाधीश एके मिश्र की अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से यह सजा सुनाई है.
एनोस एक्का को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था. ईडी के विशेष लोक अभियोजक एसआर दास ने बताया की एनोस एक्का को पीएमएलए की धारा 4 के तहत 7 साल की सजा सुनाई गई है. 2 साल की जुर्माना राशि नहीं देने पर उसे 1 वर्ष की अतिरिक्त सश्रम कैद की सजा भुगतनी होगी. कोर्ट ने ईडी मामले में एनोस एक्का की जब्त की गई संपत्ति का मालिकाना हक केंद्रीय सरकार को देने का भी निर्देश दिया है.
Also Read This: केरल में जनप्रतिनिधियों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती
ईडी की विशेष अदालत ने 20.31 करोड़ रुपए के मनी लाउंड्रिंग करने के आरोप में एनोस एक्का को 21 मार्च को दोषी करार दिया था. साथ ही सजा के बिन्दु पर सुनवाई के लिए 31 मार्च की तारीख निर्धारित की थी लेकिन इसी दौरान कोरोना महामारी को लेकर देश भर में लॉकडाउन लग गया. जिसके कारण निर्धारित तारीख को सुनवाई नहीं हो सकी. नयी तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की गयी. उस दिन भी सुनवाई नहीं हो सकी. इसके बाद 22 अप्रैल को तारीख निर्धारित की गयी. अब 23 अप्रैल को एनोस को सजा सुनाई गई.
ईडी के विशेष वरीय लोक अभियोजक एसआर दास ने बताया कि पिछली निर्धारित तारीख को अति-आवश्यक मामले के तहत सुनवाई करने का आवेदन दिया था. जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 23 अप्रैल की तारीख निर्धारित की थी. जज के साथ दोनों पक्षकार ने अपने-अपने आवास से ही ई-डिवाइस से बहस किया. एनोस एक्का आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के आरोप में सजायाफ्ता हैं. सीबीआई की विशेष अदालत ने बीते 25 फरवरी को दोषी पाकर सात साल कैद की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया था. तब से बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा होटवार में हैं.

