रांचीः कांग्रेसी नेता सह पूर्व विधायक बंदी उरांव का निधन हो गया. सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली वह करीब 90 वर्ष के थे. 1980 में गिरिडीह जिले के एसपी के पद पर रहते हुए बंदी उरांव ने नौकरी से त्यागपत्र देकर कार्तिक उरांव के प्रेरणा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी उनके पुत्र अरुण उरांव भी पुलिस अधिकारी रह चुके हैं जो अभी भाजपा में हैं. पुत्रवधु गीताश्री उरांव भी कांग्रेस की टिकट पर विधायक रह चुकी हैं. बंदी उरांव ने पेसा कानून को लेकर इन्होंने लंबा संघर्ष किया। उनका जन्म. 16 जनवरी 1931 को गुमला जिले के दतिया गांव में हुआ था. उन्होंने रांची जिला स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा 1947 में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की.

